International Yoga Day 2026: डालसा धनबाद की अनूठी पहल, जेल से वृद्धाश्रम तक पहुंचा योग का संदेश
International Yoga Day 2026 : सिविल कोर्ट परिसर में सामूहिक योगाभ्यास, मंडल कारा, किशोर न्याय बोर्ड, वृद्धाश्रम और बालिका गृह में भी आयोजित हुए विशेष योग सत्र
International Yoga Day 2026 : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), धनबाद द्वारा व्यापक स्तर पर योग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा के नेतृत्व में सिविल कोर्ट परिसर सहित जेल, वृद्धाश्रम, किशोर न्याय बोर्ड और बालिका गृह में योग सत्र आयोजित कर समाज के हर वर्ग तक स्वस्थ जीवन और मानसिक संतुलन का संदेश पहुंचाया गया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), धनबाद ने समाज के विभिन्न वर्गों तक योग के महत्व को पहुंचाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया। रविवार को सिविल कोर्ट परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मियों, जिला विधिक सेवा प्राधिकार से जुड़े सदस्यों तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की टीम ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन और मानसिक संतुलन का संदेश दिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, धनबाद निकेश कुमार सिन्हा ने किया। योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। पूरे वातावरण में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देखने को मिला।
योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की एक ऐसी अमूल्य धरोहर है जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली और बढ़ती मानसिक चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी उपाय के रूप में उभरकर सामने आया है।
उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को स्वस्थ, सकारात्मक, ऊर्जावान और आत्मविश्वासी बनाता है। योग के माध्यम से न केवल शारीरिक बीमारियों से बचाव संभव है, बल्कि मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन भी प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
जेल, किशोर न्याय बोर्ड और वृद्धाश्रम में भी हुए विशेष योग सत्र
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की सबसे खास बात यह रही कि योग का संदेश केवल न्यायालय परिसर तक सीमित नहीं रहा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा धनबाद मंडल कारा, किशोर न्याय बोर्ड, वृद्धाश्रम तथा बालिका गृह में भी विशेष योग शिविरों का आयोजन किया गया।
इन कार्यक्रमों में बंदियों, किशोरों, वृद्धजनों और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग प्रशिक्षकों और विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को योग के महत्व, उसके वैज्ञानिक आधार तथा स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी दी। साथ ही उन्हें नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया गया।
विशेष रूप से मंडल कारा में आयोजित योग सत्र में बंदियों को मानसिक तनाव कम करने, आत्मनियंत्रण बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए योग के महत्व से अवगत कराया गया। वहीं वृद्धाश्रम में वरिष्ठ नागरिकों को उम्र के अनुसार सरल योगासन और प्राणायाम के लाभ बताए गए।
तीन दिनों तक चला योग जागरूकता अभियान
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अवर न्यायाधीश सह सचिव मयंक तुषार टोपनों ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देशन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में लगातार तीन दिनों तक विभिन्न संस्थानों एवं जनसमुदाय के बीच योग जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल एक दिन योग करना नहीं, बल्कि लोगों को इसके प्रति जागरूक बनाकर नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित करना था। विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और योग के प्रति अपनी रुचि दिखाई।
मयंक तुषार टोपनों ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक योग के लाभ पहुंचाना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना जिला विधिक सेवा प्राधिकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से आने वाले समय में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास
डालसा द्वारा आयोजित इस पहल ने यह साबित किया कि योग किसी एक वर्ग या आयु समूह तक सीमित नहीं है। चाहे न्यायिक अधिकारी हों, कर्मचारी, बंदी, किशोर, वृद्धजन या बालिकाएं—योग सभी के लिए समान रूप से लाभकारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाता है। इससे एकाग्रता बढ़ती है, तनाव कम होता है और जीवन में अनुशासन का विकास होता है। यही कारण है कि आज पूरी दुनिया योग को स्वस्थ जीवन का आधार मान रही है।
स्वस्थ और सकारात्मक समाज निर्माण की दिशा में कदम
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, धनबाद द्वारा आयोजित कार्यक्रमों ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया कि स्वास्थ्य केवल शारीरिक रूप से फिट रहने का नाम नहीं है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से संतुलित रहना भी उतना ही आवश्यक है।
योग के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। नियमित अभ्यास से न केवल रोगों से बचाव संभव है, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और अनुशासन जैसे गुणों का भी विकास होता है। डालसा की यह पहल समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास साबित हुई।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सुखद जीवन की ओर बढ़ने का सशक्त माध्यम है।