Dhanbad News : धनबाद में एंटी-स्नेक वेनम सीरम की पर्याप्त उपलब्धता: सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज, 6,130 वायल का स्टॉक तैयार
Dhanbad News : मानसून में बढ़ते सर्पदंश मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, उपायुक्त आदित्य रंजन ने लोगों से अंधविश्वास छोड़ तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की।
Dhanbad News : धनबाद जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सांप के काटने के इलाज के लिए 6,130 एंटी-स्नेक वेनम वायल उपलब्ध हैं। उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज और एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है।
धनबाद जिले में मानसून के दौरान बढ़ने वाले सर्पदंश (सांप काटने) के मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में एंटी-स्नेक वेनम एंटीसीरम (ASV) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल और प्रभावी उपचार मिल सके।
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में पूरे धनबाद जिले में कुल 6,130 एक्टिव वायल एंटी-स्नेक वेनम सीरम उपलब्ध हैं। यह स्टॉक किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के किसी भी क्षेत्र में सर्पदंश का शिकार होने वाले व्यक्ति को इलाज के लिए भटकना न पड़े।
एएनएमएमसीएच में सबसे अधिक एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध
उपायुक्त के अनुसार जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एएनएमएमसीएच) में सबसे अधिक 2,750 वायल उपलब्ध हैं। यह अस्पताल जिले का प्रमुख रेफरल सेंटर होने के कारण यहां सबसे अधिक मात्रा में दवा का भंडारण किया गया है।
इसके अलावा जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में भी आवश्यकता के अनुसार एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी समय पर उपचार मिल सके।
इन स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है एंटी-स्नेक वेनम सीरम
जिला प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध स्टॉक इस प्रकार है—
- शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एएनएमएमसीएच) – 2,750 वायल
- बाघमारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – 300 वायल
- बलियापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – 500 वायल
- सदर अस्पताल – 380 वायल
- गोविंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – 380 वायल
- झरिया (झरिया सह जोरापोखर) – 420 वायल
- निरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – 480 वायल
- तोपचांची सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – 450 वायल
- टुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र – 40 वायल
- लोधरिया एचएससी-आयुष्यमान आरोग्य मंदिर (टुंडी) – 10 वायल
- रामपुर एचएससी-आयुष्यमान आरोग्य मंदिर (टुंडी) – 20 वायल
प्रशासन का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर इन केंद्रों में अतिरिक्त स्टॉक भी तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा।
सांप काटने पर झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल जाएं
उपायुक्त आदित्य रंजन ने जिलेवासियों से विशेष अपील करते हुए कहा कि सांप काटने की स्थिति में किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाएं। ऐसी परिस्थितियों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है और समय पर अस्पताल पहुंचने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इसलिए किसी भी मरीज को इलाज के लिए आर्थिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
मानसून में बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा
मानसून और गर्मी के मौसम में खेतों, झाड़ियों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा ग्रामीण इलाकों में सांपों के निकलने की घटनाएं सामान्य से अधिक होती हैं। खेती-बाड़ी, जंगल और खुले क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों के लिए इस दौरान विशेष सावधानी बरतना आवश्यक होता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के दौरान सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों और आबादी वाले इलाकों की ओर भी आ जाते हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि देखी जाती है।
स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को किया अलर्ट
उपायुक्त ने बताया कि मौसम को देखते हुए जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों, चिकित्सा पदाधिकारियों और मेडिकल स्टाफ को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया गया है ताकि सर्पदंश के मरीजों का बिना किसी देरी के उपचार शुरू किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग लगातार एंटी-स्नेक वेनम के स्टॉक की निगरानी कर रहा है। यदि किसी केंद्र में स्टॉक कम होता है तो वहां तुरंत अतिरिक्त वायल उपलब्ध कराए जाएंगे।
सर्पदंश होने पर क्या करें?
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाने की सलाह दी है—
- मरीज को शांत रखें और घबराने न दें।
- प्रभावित अंग को अधिक हिलाने-डुलाने से बचाएं।
- तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
- झाड़-फूंक, ताबीज या घरेलू उपचार के भरोसे समय न गंवाएं।
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न दें।
- यदि संभव हो तो सांप की पहचान की जानकारी डॉक्टर को दें, लेकिन सांप पकड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें।
नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध
उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग धनबाद के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाएं, प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी और आपातकालीन उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोग बिना देरी किए अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करें। समय पर उपचार ही सर्पदंश से होने वाली गंभीर जटिलताओं और मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है।
जिला प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि धनबाद के सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम सीरम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और प्रत्येक पात्र मरीज को यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाएगी।