Dhanbad News : गुप्त नवरात्र में विपदतारिणी मां काली के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, 250 वर्ष पुराने तेलीपाड़ा काली मंदिर में विशेष पूजा
Dhanbad News : धनबाद के हीरापुर स्थित 250 वर्ष पुराने श्री श्री श्यामा पूजा कमिटी काली मंदिर में गुप्त नवरात्र पर हजारों श्रद्धालुओं ने की विशेष पूजा, मां काली से सुख-समृद्धि, संकटों से मुक्ति और मनोकामना पूर्ति का लिया आशीर्वाद।
Dhanbad News : धनबाद के हीरापुर स्थित 250 वर्ष पुराने तेलीपाड़ा काली मंदिर में गुप्त नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। विपदतारिणी मां काली की विशेष पूजा-अर्चना कर भक्तों ने सुख-समृद्धि, संकटों से मुक्ति और परिवार की खुशहाली की कामना की।
धनबाद: गुप्त नवरात्र के पावन अवसर पर धनबाद के हीरापुर स्थित लगभग 250 वर्ष पुराने श्री श्री श्यामा पूजा कमिटी काली मंदिर, तेलीपाड़ा में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विपदतारिणी मां काली के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों सहित हजारों भक्त मां के दरबार में पहुंचे और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य, संकटों से रक्षा तथा मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की।
गुप्त नवरात्र को तांत्रिक साधना और शक्ति उपासना का विशेष पर्व माना जाता है। इस दौरान मां काली, मां तारा, मां बगलामुखी और अन्य देवी स्वरूपों की आराधना का विशेष महत्व बताया जाता है। इसी आस्था के चलते धनबाद के इस ऐतिहासिक काली मंदिर में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहा और पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा।

भव्य सजावट से आकर्षण का केंद्र बना मंदिर
गुप्त नवरात्र के अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से विशेष रूप से सजाया गया था। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हुआ। सुबह की आरती से लेकर देर शाम तक लगातार पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे।
श्रद्धालुओं ने मां काली के चरणों में पुष्प, चुनरी, नारियल और प्रसाद अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की। कई भक्तों ने परिवार की खुशहाली और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने की कामना करते हुए विशेष अनुष्ठान भी कराए। मंदिर परिसर में “जय मां काली” और “जय मां विपदतारिणी” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
विपदतारिणी स्वरूप में होती है मां काली की विशेष आराधना
मंदिर की पुजारिन सुप्रिया पांडेय ने बताया कि गुप्त नवरात्र के दौरान मां काली की विपदतारिणी स्वरूप में पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां अपने भक्तों के जीवन से सभी प्रकार के संकट, पीड़ा, आपदा और विपदा को दूर कर उनकी रक्षा करती हैं।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से मां की आराधना करने पर जीवन की कठिनाइयों का समाधान होता है और परिवार में सुख-शांति एवं समृद्धि का वास होता है। यही कारण है कि केवल धनबाद ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।
250 वर्ष पुराना है तेलीपाड़ा काली मंदिर
श्री श्री श्यामा पूजा कमिटी के सचिव संतोष साव ने बताया कि तेलीपाड़ा स्थित यह काली मंदिर लगभग 250 वर्ष पुराना है और धनबाद के प्रमुख धार्मिक स्थलों में इसकी विशेष पहचान है। वर्षों से यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्र के दौरान यहां विशेष धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और आराधना का आयोजन किया जाता है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर मां काली का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई थीं, जिससे भक्तों को दर्शन करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
दूर-दराज़ से पहुंचे श्रद्धालु
गुप्त नवरात्र के अवसर पर केवल धनबाद शहर ही नहीं बल्कि आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। कई भक्त सुबह से ही कतार में लगकर मां के दर्शन का इंतजार करते रहे। श्रद्धालुओं ने बताया कि विपदतारिणी मां काली के प्रति उनकी अटूट आस्था है और हर वर्ष गुप्त नवरात्र में यहां आकर पूजा करना उनकी परंपरा बन चुकी है।
भक्तों ने अपने परिवार की खुशहाली, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, स्वास्थ्य, व्यापार में उन्नति और जीवन के सभी संकटों से मुक्ति की कामना करते हुए मां के चरणों में श्रद्धा अर्पित की।
पूरे दिन बना रहा भक्तिमय माहौल
सुबह से शुरू हुई पूजा-अर्चना का क्रम देर शाम तक चलता रहा। मंदिर परिसर में भजन, मंत्रोच्चार और जयकारों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और मां काली के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
मंदिर समिति के स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं के दर्शन और पूजा की व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
गुप्त नवरात्र में शक्ति उपासना का विशेष महत्व
सनातन परंपरा में गुप्त नवरात्र को शक्ति साधना और देवी उपासना का अत्यंत महत्वपूर्ण समय माना जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की विशेष पूजा की जाती है। विशेष रूप से मां काली की विपदतारिणी स्वरूप में आराधना करने से भक्तों के जीवन से संकट दूर होने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है।
धनबाद के तेलीपाड़ा काली मंदिर में वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रतीक बनी हुई है। गुप्त नवरात्र के अवसर पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक दौर में भी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराएं लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।
गुप्त नवरात्र के इस पावन अवसर पर विपदतारिणी मां काली के दरबार में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब एक बार फिर इस ऐतिहासिक मंदिर की धार्मिक महत्ता और लोगों की अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।