Dhanbad News : धनबाद JSFC गोदाम मजदूर धरना: दूसरे दिन भी जारी आंदोलन, निरसा विधायक अरुप चटर्जी ने दिया समर्थन
Dhanbad News : डोर स्टेप डिलिवरी व्यवस्था के विरोध में जेएसएफसी गोदामों के ठेका मजदूरों का प्रदर्शन तेज, नई व्यवस्था से रोजगार छिनने का आरोप; निरसा विधायक ने सरकार से समाधान की मांग उठाने का दिया भरोसा।
Dhanbad News : धनबाद में जेएसएफसी गोदामों के ठेका मजदूरों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। डोर स्टेप डिलिवरी व्यवस्था के विरोध में मजदूरों ने रोजगार छिनने का आरोप लगाया। निरसा विधायक अरुप चटर्जी ने आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार से समाधान की मांग उठाने का आश्वासन दिया।
धनबाद में झारखंड स्टेट फूड कॉर्पोरेशन (JSFC) के गोदामों में कार्यरत ठेका मजदूरों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। मजदूर डोर स्टेप डिलिवरी (Door Step Delivery) व्यवस्था के विरोध में धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि सरकार की नई व्यवस्था लागू होने के बाद सैकड़ों मजदूरों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है। आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब निरसा विधायक अरुप चटर्जी धरनास्थल पर पहुंचे और मजदूरों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
धरने पर बैठे मजदूरों ने सरकार से पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
क्या है मजदूरों का विरोध?
मजदूरों का कहना है कि पहले भारतीय खाद्य निगम (FCI) से खाद्यान्न JSFC के गोदामों तक पहुंचाया जाता था। गोदामों में अनाज की लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य ठेका मजदूरों द्वारा किया जाता था। इसके बाद यही खाद्यान्न सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के डीलरों तक भेजा जाता था।
इस पूरी प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मजदूरों को नियमित रूप से रोजगार मिलता था, जिससे उनके परिवारों का भरण-पोषण होता था। लेकिन सरकार द्वारा लागू की गई नई डोर स्टेप डिलिवरी व्यवस्था के तहत अब खाद्यान्न सीधे FCI से पीडीएस डीलरों तक भेजा जा रहा है। इससे JSFC गोदामों में लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य लगभग समाप्त हो गया है।
मजदूरों का आरोप है कि नई व्यवस्था के कारण उनका रोजगार छिन गया है और अब उनके सामने परिवार चलाने का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
दूसरे दिन भी जारी रहा धरना
धरना स्थल पर दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मजदूरों ने यह भी कहा कि सरकार को किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले उन हजारों परिवारों के भविष्य के बारे में भी सोचना चाहिए, जिनकी आजीविका वर्षों से इस कार्य पर निर्भर रही है।
निरसा विधायक अरुप चटर्जी ने दिया समर्थन
धरनास्थल पहुंचे निरसा विधायक अरुप चटर्जी ने मजदूरों की मांगों को जायज बताते हुए उनके आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार की नई व्यवस्था के कारण मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
अरुप चटर्जी ने कहा कि पहले खाद्यान्न JSFC गोदामों तक पहुंचता था, जहां बड़ी संख्या में मजदूरों को लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य मिलता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिससे मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मजदूरों की समस्याओं को लेकर संबंधित मंत्री से मुलाकात करेंगे और उनकी मांगों से सरकार को अवगत कराएंगे। साथ ही उन्होंने सरकार से मजदूरों के हितों की रक्षा करने की अपील भी की।
रोजगार पर मंडराया संकट
धरने में शामिल मजदूरों का कहना है कि वर्षों से वे इसी काम के सहारे अपने परिवार का पालन-पोषण करते आ रहे हैं। अचानक नई व्यवस्था लागू होने से उनकी आय का मुख्य स्रोत समाप्त हो गया है।
उनका कहना है कि अधिकांश मजदूर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उनके पास रोजगार का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। ऐसे में सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे उनकी नौकरी सुरक्षित रह सके।
मजदूरों ने यह भी मांग की कि यदि नई व्यवस्था जारी रखनी है तो प्रभावित मजदूरों के पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था की जाए।
सरकार से समाधान की उम्मीद
धरना दे रहे मजदूरों को उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेगी। उनका कहना है कि वे किसी नई व्यवस्था के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसी व्यवस्था लागू नहीं होनी चाहिए जिससे हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुरानी व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए या फिर ऐसी नीति बनाई जाए जिससे किसी भी मजदूर का रोजगार न छिने।
आंदोलन आगे भी जारी रहने के संकेत
धरना दे रहे मजदूरों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार की ओर से जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मजदूर संगठनों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाते रहेंगे।
फिलहाल धनबाद में JSFC गोदामों के मजदूरों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी है और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मुद्दे पर क्या फैसला लेती है।