Dhanbad News : बीसीसीएल गोन्दुडिह लोडिंग पॉइंट पर दर्दनाक हादसा: हाईवा की चपेट में आने से महिला मजदूर की मौत, मुआवजे की मांग पर मजदूरों का प्रदर्शन
Dhanbad News : धनबाद के गोन्दुडिह स्थित बीसीसीएल लोडिंग पॉइंट पर हाईवा की चपेट में आने से 58 वर्षीय महिला मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद मजदूरों ने मुआवजे, पारिवारिक सहायता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने हाईवा जब्त कर चालक-खलासी की तलाश शुरू कर दी है।
Dhanbad News : धनबाद के गोन्दुडिह स्थित बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) के लोडिंग पॉइंट पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। कोयला लोडिंग का कार्य कर रही 58 वर्षीय महिला मजदूर कौशल्या देवी की तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद लोडिंग पॉइंट पर काम कर रहे मजदूरों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए मजदूरों ने शव के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया और मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा, पारिवारिक सहायता तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग को लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
हादसा शनिवार दोपहर करीब 1:45 बजे गोन्दुडिह थाना क्षेत्र स्थित बीसीसीएल के गोन्दुडिह लोडिंग पॉइंट पर हुआ। जानकारी के अनुसार कौशल्या देवी कई वर्षों से यहां कोयला लोडिंग का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एमपीएल कंपनी की एक हाईवा कांटा घर से वजन कराकर लोडिंग पॉइंट की ओर जा रही थी। इसी दौरान कौशल्या देवी पानी पीने के लिए सड़क पार कर रही थीं। तभी तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
घटना के तुरंत बाद हाईवा का चालक और खलासी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। इस घटना से मजदूरों का गुस्सा और बढ़ गया। आक्रोशित मजदूरों ने हाईवा का शीशा तोड़ दिया और शव को सड़क पर रखकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने स्पष्ट कहा कि जब तक मृतका के परिवार को सम्मानजनक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को रोजगार अथवा पारिवारिक सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की घोषणा नहीं की जाती, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा।
हादसे के कारण गोन्दुडिह लोडिंग पॉइंट पर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। कोयला लोडिंग का कार्य प्रभावित हुआ और भारी वाहनों की आवाजाही भी बाधित रही। घटना की सूचना मिलते ही गोन्दुडिह थाना पुलिस, सीआईएसएफ के जवान और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे मजदूरों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मजदूर अपनी मांगों पर अड़े रहे।
मजदूरों का आरोप है कि बीसीसीएल के लोडिंग पॉइंट पर लंबे समय से सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी की जा रही है। भारी वाहनों की तेज रफ्तार, पर्याप्त ट्रैफिक नियंत्रण की कमी और पैदल मजदूरों के लिए सुरक्षित मार्ग नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। उनका कहना है कि पहले भी कई बार प्रबंधन को सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की गई थी, लेकिन इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। मजदूरों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो आज एक महिला मजदूर की जान नहीं जाती।
स्थानीय मजदूर नेता टुनटुन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने मांग की कि मृतका के परिवार को पर्याप्त आर्थिक मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराया जाए और लोडिंग पॉइंट पर सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से मजबूत किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। कौशल्या देवी वर्षों से मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मजदूर प्रतिदिन जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं प्रशासन और प्रबंधन दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
गोन्दुडिह थाना प्रभारी लव कुमार चौधरी ने बताया कि दुर्घटना में शामिल हाईवा को पुलिस ने जब्त कर लिया है। फरार चालक और खलासी की तलाश की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमसीएच) भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं कंपनी प्रबंधन और प्रशासन के बीच भी मामले को लेकर बातचीत जारी है ताकि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो सके।
इस हादसे ने एक बार फिर कोयला क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जहां भारी वाहनों की लगातार आवाजाही होती है, वहां पैदल चलने वाले मजदूरों के लिए अलग सुरक्षित मार्ग, गति सीमा का सख्ती से पालन, पर्याप्त चेतावनी संकेत, सीसीटीवी निगरानी और ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। यदि इन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता है तो भविष्य में भी ऐसी दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी।
फिलहाल गोन्दुडिह लोडिंग पॉइंट पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। मजदूर मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा, पारिवारिक सहायता और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पर डटे हुए हैं। पुलिस, कंपनी प्रबंधन और मजदूर नेताओं के बीच लगातार वार्ता चल रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी अंतिम सहमति की जानकारी सामने नहीं आई थी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी प्रबंधन पीड़ित परिवार को किस प्रकार की सहायता प्रदान करता है और इस दर्दनाक हादसे के बाद लोडिंग पॉइंट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कौन-कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं। यदि इस घटना से सबक लेकर प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू किए जाते हैं तो भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।