Dhanbad News : धनबाद में 150 करोड़ रुपये के फर्जी लॉटरी सिंडिकेट का भंडाफोड़, बंद BCCL भवन से 95 बंडल जाली टिकट और 9 प्रिंटर जब्त
Dhanbad News : धनबाद के चिरकुंडा में पुलिस ने बंद पड़े BCCL भवन में चल रहे 150 करोड़ रुपये के फर्जी लॉटरी सिंडिकेट का खुलासा किया। 95 बंडल जाली लॉटरी टिकट, 9 प्रिंटर और भारी मात्रा में उपकरण जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार जबकि कई फरार।
Dhanbad News : धनबाद जिले के चिरकुंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े फर्जी लॉटरी सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। पुलिस ने बाबुडंगाल मोड़ स्थित बीसीसीएल (BCCL) के बंद पड़े जर्जर भवन में संचालित हो रही अवैध मिनी प्रिंटिंग प्रेस पर छापेमारी कर लगभग 150 करोड़ रुपये मूल्य के जाली लॉटरी टिकट, 9 अत्याधुनिक प्रिंटर, दो बड़े जेरॉक्स मशीन सहित भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के कई सदस्य पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह झारखंड ही नहीं बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में फर्जी लॉटरी टिकट का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
पुलिस के अनुसार शनिवार को धनबाद ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एस. मोहम्मद याकूब ने प्रेस वार्ता में इस पूरे मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वरीय पुलिस अधिकारियों को लंबे समय से इस इलाके में बड़े स्तर पर फर्जी लॉटरी टिकट छापे जाने की गुप्त सूचना मिल रही थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए निरसा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से बाबुडंगाल मोड़ स्थित बीसीसीएल के बंद पड़े पुराने भवन की घेराबंदी की और अचानक छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने भवन के अंदर चल रही अवैध प्रिंटिंग यूनिट का खुलासा किया। मौके से विभिन्न कंपनियों के नाम पर छापे गए अलग-अलग मूल्य वर्ग के 95 बंडल जाली लॉटरी टिकट बरामद किए गए। इसके अलावा टिकटों की छपाई में उपयोग किए जा रहे 9 हाई क्वालिटी प्रिंटर, 2 बड़े जेरॉक्स मशीन, पेपर कटर, स्टेपलर मशीन, इन्वर्टर, बैटरी, स्टेबलाइजर, कंप्यूटर से जुड़े कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और एक बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। पुलिस का मानना है कि इस मिनी प्रिंटिंग प्रेस में प्रतिदिन हजारों की संख्या में फर्जी लॉटरी टिकट छापे जाते थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से सावलापुर कालुबथान निवासी स्वरूप मल्लिक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह प्रकाश सिंह, भानु प्रताप सिंह, जय सिंह उर्फ पिंटा उर्फ भगत सिंह, पिठरकियारी निवासी ननहकु तथा अन्य साथियों के साथ मिलकर इस फर्जी कारोबार को संचालित कर रहा था। आरोपी ने यह भी बताया कि तैयार किए गए जाली लॉटरी टिकटों की सप्लाई झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में की जाती थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का संचालन पूरी तरह संगठित तरीके से किया जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि इस सिंडिकेट का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है और इसमें बड़ी संख्या में एजेंट तथा सप्लायर शामिल हो सकते हैं। बरामद सामग्री को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि गिरोह लंबे समय से अवैध तरीके से जाली लॉटरी टिकट छापकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस अब जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और प्रिंटरों की फॉरेंसिक जांच भी कराएगी ताकि पूरे नेटवर्क की तकनीकी जानकारी जुटाई जा सके।
धनबाद ग्रामीण एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जी कारोबार से अर्जित रकम का निवेश किन-किन क्षेत्रों में किया गया और इस नेटवर्क को आर्थिक मदद कौन-कौन लोग उपलब्ध करा रहे थे।
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि गिरोह के मुख्य आरोपियों का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। प्रकाश सिंह और जय सिंह उर्फ पिंटा के खिलाफ झारखंड और बिहार के विभिन्न थानों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस अब उनके पुराने मामलों को भी इस जांच से जोड़कर देख रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फर्जी लॉटरी का यह कारोबार कब से संचालित किया जा रहा था और इसके तार किन अन्य अपराधों से जुड़े हुए हैं।
इस मामले में चिरकुंडा थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा लॉटरी विनियमन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। जब्त किए गए दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल डेटा की जांच के बाद और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फर्जी लॉटरी सिंडिकेट न केवल लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी क्षति पहुंचाते हैं। ऐसे गिरोह आम लोगों को बड़े इनाम का लालच देकर नकली टिकट बेचते हैं और करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम देते हैं। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद फर्जी लॉटरी कारोबार से जुड़े अन्य नेटवर्क पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है और जरूरत पड़ने पर अन्य जिलों में भी संयुक्त अभियान चलाया जाएगा।
धनबाद पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को हाल के वर्षों में फर्जी लॉटरी कारोबार के खिलाफ सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश, नेटवर्क की आर्थिक जांच और अन्य राज्यों से जुड़े कनेक्शन की पड़ताल में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।