Dhanbad News : धनबाद में गुटखा गोदाम सील, जांच टीम से सहयोग नहीं करने पर फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई
Dhanbad News : गोदाम संचालक सचिन चौरसिया ने नहीं खोला गोदाम……………
Dhanbad News : धनबाद के बिशनपुर स्थित एक गुटखा गोदाम को फूड सेफ्टी विभाग ने जांच में सहयोग नहीं मिलने पर सील कर दिया। कंटेनर से पान मसाला के सैंपल लेकर जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
धनबाद में खाद्य सुरक्षा से जुड़ा एक अहम मामला सामने आया है, जहां फूड सेफ्टी विभाग ने जांच में सहयोग नहीं मिलने पर एक गुटखा गोदाम को सील कर दिया। सदर थाना क्षेत्र के बिशनपुर स्थित राजवार बस्ती में की गई इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। विभाग का कहना है कि गोदाम संचालक द्वारा जांच प्रक्रिया में सहयोग नहीं किए जाने के कारण यह कदम उठाना पड़ा। अब पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार फूड सेफ्टी विभाग को शुक्रवार को सूचना मिली थी कि गुटखा और पान मसाला से लदे एक कंटेनर में आग लग गई है। इस घटना में कंटेनर चालक के झुलसने की भी सूचना सामने आई। घटना की गंभीरता को देखते हुए फूड सेफ्टी विभाग ने तत्काल जांच शुरू की और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल के लिए टीम गठित की गई।
जांच के क्रम में विभाग की टीम धनबाद के बिशनपुर स्थित उस गोदाम पर पहुंची, जहां पान मसाला और गुटखा रखे जाने की सूचना मिली थी। टीम का उद्देश्य गोदाम में रखे उत्पादों की जांच करना, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना तथा यह पता लगाना था कि आगग्रस्त कंटेनर में मौजूद सामग्री का इस गोदाम से कोई संबंध है या नहीं।
फूड सेफ्टी अधिकारी ए. राजा के नेतृत्व में पहुंची जांच टीम ने गोदाम संचालक सचिन चौरसिया से संपर्क करने का प्रयास किया। विभाग के अनुसार उन्हें मौके पर आने और गोदाम का ताला खुलवाने की सूचना दी गई थी, लेकिन वह निर्धारित समय पर नहीं पहुंचे। इसके अलावा गोदाम का ताला भी नहीं खोला गया, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई।
विभाग ने बताया कि कई बार संपर्क करने के बावजूद गोदाम संचालक ने सहयोग नहीं किया। इतना ही नहीं, उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया, जिसके कारण अधिकारी उनसे संपर्क स्थापित नहीं कर सके। जांच में लगातार आ रही बाधाओं को देखते हुए फूड सेफ्टी विभाग ने प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करते हुए गोदाम को सील करने का निर्णय लिया।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी जांच के दौरान संबंधित पक्ष का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि जांच में बाधा उत्पन्न होती है या अधिकारी आवश्यक दस्तावेजों एवं सामग्री की जांच नहीं कर पाते हैं, तो विभाग के पास नियमानुसार कार्रवाई करने का अधिकार होता है। इसी प्रावधान के तहत गोदाम को सील किया गया है।
फूड सेफ्टी अधिकारी ए. राजा ने बताया कि आग की घटना में शामिल कंटेनर से पान मसाला के सैंपल लिए गए हैं। इन सैंपलों को सुरक्षित रखते हुए सदर थाना में जमा कराया गया है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इन नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल जांच जारी है और रिपोर्ट आने से पहले किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
फूड सेफ्टी विभाग की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यापारिक क्षेत्र में भी हलचल देखी जा रही है। कई लोगों का मानना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की जांच आवश्यक है। वहीं कुछ व्यापारी यह भी मानते हैं कि जांच प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों को विभाग के साथ पूरा सहयोग करना चाहिए ताकि तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो सके।
खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में विभाग समय-समय पर निरीक्षण अभियान चलाता है। इन अभियानों का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की निगरानी करना, मिलावट की आशंका वाले उत्पादों की जांच करना तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। यदि किसी उत्पाद या प्रतिष्ठान के संबंध में शिकायत प्राप्त होती है, तो विभाग नियमानुसार जांच करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि व्यापारियों की भी समान जिम्मेदारी है। किसी भी जांच में पारदर्शिता बनाए रखना और अधिकारियों को आवश्यक सहयोग देना कानून के अनुरूप है। इससे न केवल जांच प्रक्रिया आसान होती है बल्कि संबंधित पक्ष भी अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकता है।
धनबाद में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से ले रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल सभी की नजर पान मसाला के सैंपलों की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि उत्पाद गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। इसके बाद फूड सेफ्टी विभाग संबंधित नियमों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगा। वहीं गोदाम को सील किए जाने की घटना के बाद क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।