Dhanbad News : मैथन मोड़ शिव मंदिर में शेड निर्माण का शिलान्यास, विधायक अरूप चटर्जी ने रखी आधारशिला
Dhanbad News : धनबाद के कुमारधुबी स्थित मैथन मोड़ शिव मंदिर परिसर में करीब 13.53 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नए शेड का शिलान्यास निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं की बात कही और भाजपा पर मंदिरों के विकास को लेकर निशाना साधा।
Dhanbad News : कुमारधुबी के मैथन मोड़ स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में शनिवार को श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक वातावरण के बीच नए शेड निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने पूजा-अर्चना कर और नारियल फोड़कर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु, महिलाएं और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। मंदिर परिसर में बनने वाले इस नए शेड की अनुमानित लागत 13 लाख 53 हजार 800 रुपये निर्धारित की गई है।
शिलान्यास समारोह के दौरान पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने विधायक अरूप चटर्जी का स्वागत करते हुए इस पहल की सराहना की। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं, जबकि सावन, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में शेड के निर्माण से श्रद्धालुओं को धूप, बारिश और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों से राहत मिलेगी।
मंदिर समिति और स्थानीय नागरिकों ने बताया कि लंबे समय से मंदिर परिसर में अतिरिक्त शेड निर्माण की मांग की जा रही थी। त्योहारों और विशेष पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे खड़ा रहना पड़ता था। कई बार बारिश और तेज धूप के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब इस परियोजना के पूरा होने के बाद मंदिर परिसर अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बन सकेगा।
शिलान्यास के बाद अपने संबोधन में विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि आम लोगों की सुविधा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत इस शेड निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई है ताकि भविष्य में यहां आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी उनके प्रयासों से मंदिर परिसर में विकास कार्य कराए गए थे और अब श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक और शेड का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मंदिर परिसर की सुंदरता के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
अपने संबोधन के दौरान विधायक अरूप चटर्जी ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा भगवान राम के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन मंदिरों के वास्तविक विकास और वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पर्याप्त काम नहीं करती। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था का सम्मान केवल भाषणों या नारों से नहीं, बल्कि जमीन पर विकास कार्य करके दिखाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों पर लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों की सुविधा सुनिश्चित करना विकास की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मौजूद महिलाओं ने भी इस परियोजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि मंदिर में नियमित रूप से होने वाले धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग शामिल होते हैं। शेड बनने से उन्हें काफी सुविधा मिलेगी और मौसम की मार से भी राहत मिलेगी। स्थानीय युवाओं ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।
मंदिर परिसर में बनने वाला नया शेड धार्मिक आयोजनों के अलावा सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी उपयोगी साबित होगा। इससे श्रद्धालुओं को बैठने की बेहतर व्यवस्था मिलेगी और मंदिर परिसर अधिक सुव्यवस्थित दिखाई देगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के विकास कार्य क्षेत्र की धार्मिक पहचान को और मजबूत करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर के विकास के लिए विधायक का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी तरह क्षेत्र के धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों के विकास की उम्मीद जताई। शिलान्यास के बाद पूजा-अर्चना संपन्न हुई और उपस्थित लोगों ने निर्माण कार्य के सफल एवं शीघ्र पूर्ण होने की कामना की।
मंदिर समिति के सदस्यों ने कहा कि शेड निर्माण पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक वातावरण मिलेगा। विशेष अवसरों पर आयोजित भंडारा, पूजा, कथा और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहेगा। इससे मंदिर परिसर की उपयोगिता और भी बढ़ जाएगी।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार स्थानीय समाज के लिए सकारात्मक कदम है। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलती है, बल्कि धार्मिक पर्यटन और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा हो, ताकि जल्द से जल्द श्रद्धालु नई सुविधा का लाभ उठा सकें।