Dhanbad News : पाथरडीह कोलवाशरी में वर्चस्व को लेकर हिंसक झड़प, दर्जनों घायल, कई वाहन क्षतिग्रस्त
Dhanbad News : धनबाद के झरिया स्थित पाथरडीह कोलवाशरी की मीवान कोलवाशरी साइडिंग में वर्चस्व को लेकर सांसद ढुलू महतो और रघुकुल समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। घटना में दर्जनों लोग घायल हुए, कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
Dhanbad News : धनबाद जिले के झरिया स्थित पाथरडीह कोलवाशरी की मीवान कोलवाशरी साइडिंग में शनिवार को वर्चस्व को लेकर दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। जानकारी के अनुसार, सांसद ढुलू महतो समर्थकों और रघुकुल समर्थकों के बीच शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हिंसक संघर्ष में बदल गया। करीब आधे घंटे तक दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट होती रही, जिसमें दर्जनों लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद पूरे साइडिंग परिसर में अफरातफरी और भगदड़ का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के समर्थक पहले किसी बात को लेकर आमने-सामने आए। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ी और फिर मामला हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि दोनों ओर से लाठी-डंडे, लोहे की रॉड, पत्थर और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। अचानक हुई इस हिंसा से वहां मौजूद मजदूरों, कर्मचारियों और अन्य लोगों में दहशत फैल गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
झड़प के दौरान कई लोगों को गंभीर और सामान्य चोटें आई हैं। कतरास बाजार निवासी अभिषेक के सिर में गंभीर चोट लगने की बात सामने आई है। वहीं सरायढेला निवासी रोहित सिंह के साथ भी मारपीट की गई। मौके पर तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए रोहित सिंह को सुरक्षित बाहर निकालकर वाशरी प्लांट के अंदर पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी।

हिंसक संघर्ष के दौरान परिसर में खड़े कई वाहनों को भी निशाना बनाया गया। जानकारी के मुताबिक रघुकुल समर्थकों की थार और ब्रेजा गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की गई। वहीं दूसरी ओर सांसद ढुलू महतो समर्थक की स्कॉर्पियो को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। वाहनों के शीशे तोड़े गए और कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाया गया। इस तोड़फोड़ से परिसर में मौजूद लोगों के बीच और अधिक भय का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पाथरडीह थाना पुलिस और सीआईएसएफ के जवान बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। सुरक्षा बलों के पहुंचने की खबर मिलते ही झड़प में शामिल अधिकांश लोग वहां से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस और सीआईएसएफ ने पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर में तलाशी अभियान भी चलाया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना दोबारा न हो।
घटना के बाद पूरे पाथरडीह कोलवाशरी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। किसी भी संभावित विवाद को रोकने के लिए साइडिंग परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। पुलिस लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोलवाशरी और साइडिंग क्षेत्रों में वर्चस्व को लेकर पहले भी विवाद की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालांकि इस बार विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिससे कई लोग घायल हुए और सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। लोगों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर झड़प में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हिंसा की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या थे। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच कर रही है और संबंधित पक्षों से भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में वर्चस्व की लड़ाई और उससे जुड़ी कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को सामने ला दिया है। स्थानीय प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल शांति व्यवस्था बनाए रखना, घायलों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है। पुलिस का कहना है कि जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।