धनबाद पहुंचे दिशा समिति सदस्य Devesh Tiwari, केंद्र सरकार की योजनाओं की गिनाई उपलब्धियां
भारत सरकार की राज्य स्तरीय दिशा समिति के सदस्य Devesh Tiwari शनिवार को धनबाद पहुंचे। सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों और विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की।
भारत सरकार की राज्य स्तरीय दिशा समिति के सदस्य Devesh Tiwari शनिवार को धनबाद पहुंचे, जहां सर्किट हाउस में स्थानीय कार्यकर्ताओं, सामाजिक प्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान विकास, सुशासन और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर व्यापक चर्चा हुई। देवेश तिवारी ने उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और इसी सोच के साथ अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
सर्किट हाउस में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश ने इस अवधि में आधारभूत संरचना, डिजिटल तकनीक, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, ग्रामीण विकास और जनजातीय कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनका कहना था कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा आम नागरिकों के जीवन को सरल और बेहतर बनाने की रही है।
Devesh Tiwari ने प्रधानमंत्री जनधन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बैंक खाते उपलब्ध होने से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके खातों में पहुंच रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका भी काफी हद तक समाप्त हुई है।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना को देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में सहायता मिल रही है। उनका कहना था कि लाखों परिवारों को इस योजना से लाभ मिला है और स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक बोझ कम हुआ है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। देवेश तिवारी ने कहा कि इस योजना के जरिए करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है और उनके स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण साबित हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को अपने घर का सपना साकार करने का अवसर मिला है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवास निर्माण के कार्य लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई थी। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार कई स्तरों पर कार्य कर रही है।
स्वच्छ भारत मिशन की चर्चा करते हुए देवेश तिवारी ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। उन्होंने कहा कि इस मिशन के माध्यम से स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है और गांवों तथा शहरों में स्वच्छ वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं।
उन्होंने डिजिटल इंडिया अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक के विस्तार ने सरकारी सेवाओं को आम लोगों तक तेजी से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल भुगतान और ई-गवर्नेंस के माध्यम से लोगों को विभिन्न सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ाई है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी विभिन्न योजनाओं को लेकर अपने विचार साझा किए। कई लोगों ने सुझाव दिया कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे। इस पर देवेश तिवारी ने कहा कि जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन को भी सुनिश्चित करना है। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर समीक्षा और निगरानी की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दें और पात्र लाभार्थियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिलाएं, युवा, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उनका कहना था कि विकास तभी सार्थक होगा जब उसका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक समान रूप से पहुंचे।
कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक का समापन विकास, जनकल्याण और जनभागीदारी को मजबूत बनाने के संदेश के साथ हुआ।