Dhanbad News : कुल्टी में साइबर ठिकानों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दर्जनों घरों में एक साथ छापेमारी से मचा हड़कंप
Dhanbad News : 10 से अधिक संदिग्ध हिरासत में, मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की जांच जारी
Dhanbad News : पश्चिम बंगाल के कुल्टी में साइबर अपराध के कथित नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नियामतपुर के हरिजन पाड़ा इलाके में सुबह-सुबह पुलिस की भारी टीम ने एक साथ कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस ने कई घरों की तलाशी ली और 10 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती रही और पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
सुबह का वक्त…
अचानक इलाके में पहुंचा भारी पुलिस बल…
संदिग्ध ठिकानों की घेराबंदी…
और फिर एक के बाद एक कई घरों में छापेमारी।
यह तस्वीर है कुल्टी के नियामतपुर हरिजन पाड़ा की, जहां साइबर अपराध के कथित नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने इलाके में कई संदिग्ध घरों को चिन्हित कर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान घरों के अंदर मौजूद संदिग्ध सामान, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की गई।
CCTV से निगरानी का दावा
जांच के दौरान इलाके में लगे CCTV कैमरों को लेकर भी पुलिस की नजर बताई जा रही है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कई घरों और आसपास के रास्तों पर निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए गए थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं इन कैमरों का इस्तेमाल पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने या संदिग्धों को पहले से सतर्क करने के लिए तो नहीं किया जाता था।
इसके साथ ही पुलिस ने संभावित निकास मार्गों और ऐसे रास्तों की भी पड़ताल की, जिनका इस्तेमाल कार्रवाई के दौरान संदिग्धों के भागने के लिए किया जा सकता था।
10 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में
इस कार्रवाई में 10 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
अब पुलिस की पूछताछ में कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं—
इस कथित नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था?
इसके पीछे मुख्य आरोपी या मास्टरमाइंड कौन है?
कितने लोग इस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं?
साइबर ठगी के लिए किन बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया गया?
ठगी की रकम कहां और किन खातों में ट्रांसफर की जाती थी?
क्या इस नेटवर्क का संपर्क दूसरे राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों से भी था?
क्या नियामतपुर में चल रहा था साइबर ठगी का नेटवर्क?
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि नियामतपुर इलाके से ऑनलाइन ठगी और बैंक फ्रॉड से जुड़े कथित अपराध संचालित किए जा रहे थे।
हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अगर जांच में साइबर अपराध के आरोप सही साबित होते हैं, तो पुलिस के लिए यह कार्रवाई एक बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कड़ी साबित हो सकती है।
पुलिस अब हिरासत में लिए गए संदिग्धों के मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, बैंक खातों और संपर्कों की जांच कर रही है। इनसे मिलने वाली जानकारी के आधार पर दूसरे संभावित ठिकानों तक पहुंचने की कोशिश की जा सकती है।
कार्रवाई के बाद बढ़ी हलचल
बड़ी पुलिस कार्रवाई के बाद कुल्टी और आसपास के इलाकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
वहीं, भाजपा नेताओं ने साइबर अपराध और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है और पुलिस की कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश बताया है।
हालांकि राजनीतिक दावों से अलग, इस पूरे मामले की असली तस्वीर पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही साफ होगी।
अब जांच के अगले चरण पर नजर
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है—
हिरासत में लिए गए संदिग्ध कौन हैं?
क्या इनके तार किसी बड़े साइबर नेटवर्क से जुड़े हैं?
और क्या पूछताछ के बाद साइबर अपराध के दूसरे ठिकानों का भी खुलासा होगा?
कुल्टी के नियामतपुर में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने साइबर अपराध के कथित नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब पुलिस की जांच और पूछताछ से ही सामने आएगा कि इन ठिकानों के पीछे महज स्थानीय अपराधी थे या किसी बड़े साइबर सिंडिकेट की जड़ें यहां तक फैली हुई थीं।
फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस कार्रवाई से जुड़े और भी खुलासे होने की उम्मीद है।