Dhanbad News : तेज बारिश से धनबाद के जय प्रकाश नगर में मकान की दीवार गिरी, कई दोपहिया वाहन मलबे में दबे
Dhanbad News : डीनोबली स्कूल जाने वाले शॉर्टकट रास्ते पर हुआ हादसा, स्थानीय लोगों और स्कूल कर्मियों ने मिलकर हटाया मलबा
Dhanbad News : धनबाद के जय प्रकाश नगर में मंगलवार को तेज बारिश के दौरान एक पुराने मकान की कमजोर दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे में कई मोटरसाइकिल और अन्य दोपहिया वाहन मलबे में दब गए। गनीमत रही कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। स्थानीय नागरिकों और डीनोबली स्कूल के कर्मचारियों ने मिलकर मलबा हटाकर रास्ते को फिर से चालू कराया।
धनबाद में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच मंगलवार को जय प्रकाश नगर में एक बड़ा हादसा टल गया। डीनोबली स्कूल जाने वाले रास्ते पर स्थित एक मकान की कमजोर हो चुकी दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार गिरते ही उसके पास खड़ी कई मोटरसाइकिल और अन्य दोपहिया वाहन ईंट, मिट्टी और पत्थरों के मलबे में दब गए।
घटना ऐसे समय हुई जब आसपास लोगों की आवाजाही जारी थी। यह रास्ता स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ डीनोबली स्कूल के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों द्वारा शॉर्टकट के रूप में रोजाना इस्तेमाल किया जाता है। सौभाग्य से दीवार गिरने के समय कोई व्यक्ति उसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा अचानक हुआ। तेज बारिश के कारण दीवार पूरी तरह भीग चुकी थी और उसकी नींव पहले से कमजोर बताई जा रही थी। अचानक तेज आवाज के साथ दीवार ढह गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटनास्थल डीनोबली स्कूल जाने वाले उस मार्ग पर है, जहां सुबह और दोपहर के समय विद्यार्थियों की काफी आवाजाही रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह हादसा स्कूल खुलने या छुट्टी के समय होता, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।
स्थानीय निवासी एवं प्रत्यक्षदर्शी विकास साव ने बताया कि वह उसी रास्ते से गुजर रहे थे, तभी अचानक जोरदार आवाज सुनाई दी।
“बारिश लगातार हो रही थी। अचानक दीवार भरभराकर गिर गई। कुछ सेकेंड पहले ही लोग वहां से निकले थे, इसलिए किसी की जान नहीं गई। दीवार के पास खड़ी कई बाइक पूरी तरह मलबे में दब गईं।”
उन्होंने बताया कि यह रास्ता वर्षों से मोहल्ले के लोग शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल करते हैं और स्कूल जाने वाले बच्चे भी अक्सर इसी मार्ग से गुजरते हैं।
दीवार गिरने के बाद सड़क किनारे खड़े कई दोपहिया वाहन ईंट और मिट्टी के नीचे दब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने जब मलबा हटाना शुरू किया, तब एक-एक कर मोटरसाइकिल और स्कूटी बाहर निकाली गईं।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार कुछ वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है। कई बाइकों के हैंडल, बॉडी पार्ट और हेडलाइट क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हालांकि क्षति का आधिकारिक आकलन अभी सामने नहीं आया है।
घटना की सूचना मिलते ही डीनोबली स्कूल के गार्ड और कर्मचारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय नागरिकों ने भी बिना देर किए राहत कार्य शुरू कर दिया।
सबने मिलकर फावड़े और अन्य उपकरणों की मदद से सड़क पर फैले ईंट, पत्थर और मिट्टी को हटाया। करीब कुछ समय की मशक्कत के बाद रास्ते को पूरी तरह साफ कर दिया गया, जिससे दोबारा लोगों का आवागमन शुरू हो सका।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि सभी ने मिलकर तुरंत मलबा नहीं हटाया होता, तो सड़क कई घंटों तक बंद रह सकती थी।
धनबाद में मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश ने पुराने और जर्जर मकानों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक दीवारों में नमी रहने से उनकी मजबूती कम हो जाती है, विशेषकर उन भवनों में जिनका समय पर रखरखाव नहीं किया गया हो।
जय प्रकाश नगर की यह घटना भी इसी ओर इशारा करती है कि पुराने भवनों की समय-समय पर जांच और मरम्मत आवश्यक है। घनी आबादी वाले इलाकों में ऐसी कमजोर दीवारें लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।
हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जय प्रकाश नगर और आसपास के क्षेत्रों में जर्जर मकानों का सर्वे कराया जाए। लोगों का कहना है कि कई पुराने मकानों की दीवारें बारिश के कारण कमजोर हो चुकी हैं और भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
निवासियों ने स्कूल मार्ग पर विशेष निगरानी रखने और खतरनाक भवनों के मालिकों को मरम्मत के निर्देश देने की भी मांग की है, ताकि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस घटना का सबसे राहतभरा पहलू यह रहा कि किसी व्यक्ति के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं मिली। जिस स्थान पर दीवार गिरी, वहां कुछ क्षण पहले तक लोगों की आवाजाही थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि कुछ सेकेंड का अंतर एक बड़ी त्रासदी को टाल गया।
फिलहाल मलबा पूरी तरह हटा दिया गया है और डीनोबली स्कूल जाने वाला रास्ता सामान्य रूप से चालू है। हालांकि यह घटना मानसून के दौरान जर्जर भवनों के प्रति सतर्क रहने की एक गंभीर चेतावनी भी बन गई है।