Dhanbad News : बाघमारा कॉलेज में 73 लाख की लागत से बनेगा नया शैक्षणिक भवन, विधायक शत्रुघ्न महतो ने किया शिलान्यास
Dhanbad News : DMFT फंड से होगा भवन निर्माण, कॉलेज प्रबंधन ने सोलर प्लांट लगाने की मांग उठाई; विधायक ने जल्द योजना पूरी कराने का दिया आश्वासन
Dhanbad News : धनबाद के बाघमारा कॉलेज में 73 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नए भवन का शिलान्यास विधायक शत्रुघ्न महतो ने किया। DMFT फंड से बनने वाले इस भवन से करीब 7,000 विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंधन ने सोलर प्लांट लगाने की मांग भी रखी, जिस पर विधायक ने जल्द पहल का भरोसा दिलाया।
धनबाद जिले के बाघमारा कॉलेज में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। कॉलेज परिसर में 73 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नए शैक्षणिक भवन का विधिवत शिलान्यास बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो ने किया। यह भवन भवन प्रमंडल विभाग की ओर से जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड के माध्यम से बनाया जाएगा।
शिलान्यास कार्यक्रम में गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रंजन कुमार, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद भवन निर्माण की आधारशिला रखी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शत्रुघ्न महतो ने कहा कि बाघमारा कॉलेज क्षेत्र का एक प्रमुख शिक्षण संस्थान है, जहां लगभग 7,000 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। लेकिन विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले कॉलेज में पर्याप्त भवन और कक्षाओं का अभाव लंबे समय से महसूस किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि कई बार विद्यार्थियों को कक्षाओं के लिए असुविधा का सामना करना पड़ता है और सीमित संसाधनों के कारण शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। कॉलेज प्रबंधन की मांग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से इस भवन की स्वीकृति मिली है।
“शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है। नए भवन के बनने से विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिलेगा और कॉलेज का विकास नई गति पकड़ेगा।” — शत्रुघ्न महतो, विधायक बाघमारा
नया भवन भवन प्रमंडल विभाग की देखरेख में तैयार किया जाएगा। इसके निर्माण पर कुल 73 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसकी राशि DMFT फंड से उपलब्ध कराई गई है।
DMFT फंड का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है। बाघमारा जैसे खनन क्षेत्र में स्थित कॉलेज को इस योजना का लाभ मिलने से स्थानीय विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार भवन में आधुनिक कक्षाएं, शिक्षण सुविधाएं और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त स्थान विकसित किया जाएगा।
शिलान्यास समारोह के दौरान कॉलेज प्रबंधन ने विधायक के सामने एक और महत्वपूर्ण मांग रखी। प्राचार्य डॉ. रंजन कुमार ने कॉलेज परिसर में सोलर प्लांट स्थापित कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी विश्वविद्यालय और संबंधित विभाग को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक योजना पर कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है।
प्राचार्य ने कहा कि यदि कॉलेज में सोलर ऊर्जा प्रणाली स्थापित हो जाती है, तो बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी और संस्थान की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति स्वच्छ एवं टिकाऊ माध्यम से हो सकेगी।
सोलर प्लांट की मांग पर विधायक शत्रुघ्न महतो ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस योजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी संबंधित विभाग से प्राप्त करेंगे।
उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी प्रशासनिक या तकनीकी कारण से योजना लंबित है, तो उसे दूर करने के लिए आवश्यक पहल की जाएगी ताकि कॉलेज को जल्द सोलर प्लांट की सुविधा मिल सके।
विधायक ने कहा कि आज के समय में सरकारी संस्थानों में अक्षय ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना जरूरी है और बाघमारा कॉलेज इसके लिए उपयुक्त स्थान है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रंजन कुमार ने कहा कि संस्थान में लगातार विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है, जबकि पुराने भवन की स्थिति अब पर्याप्त नहीं रह गई है।
उन्होंने बताया कि नए भवन के निर्माण से न केवल नियमित कक्षाओं के संचालन में सुविधा होगी, बल्कि भविष्य में नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना को भी बल मिलेगा।
प्राचार्य के अनुसार कॉलेज में भविष्य में बीएड (B.Ed.) की पढ़ाई शुरू करने का प्रस्ताव भी है। इसके लिए अतिरिक्त भवन और आधारभूत सुविधाओं की आवश्यकता होगी, जिसे यह नया निर्माण काफी हद तक पूरा करेगा।
“हमारा लक्ष्य बाघमारा कॉलेज को क्षेत्र का बेहतर उच्च शिक्षा केंद्र बनाना है। नया भवन और भविष्य में सोलर प्लांट जैसी सुविधाएं विद्यार्थियों के हित में बड़ा कदम होंगी।” — डॉ. रंजन कुमार, प्राचार्य
कार्यक्रम में मौजूद गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी ने भी कहा कि ग्रामीण एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बाघमारा कॉलेज का विस्तार क्षेत्र के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। नए भवन के निर्माण से कॉलेज की शैक्षणिक क्षमता बढ़ेगी और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
बाघमारा कॉलेज धनबाद के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करते हैं। भवनों की कमी के कारण कई बार कक्षाओं का संचालन प्रभावित होता रहा है।
नए भवन के निर्माण से संभावित लाभ:
- लगभग 7,000 विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
- अतिरिक्त कक्षाओं और अकादमिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा।
- भविष्य में बीएड सहित नए व्यावसायिक एवं शैक्षणिक कोर्स शुरू करने में सुविधा मिलेगी।
- कॉलेज के आधारभूत ढांचे में व्यापक सुधार होगा।
- सोलर प्लांट लगने पर बिजली खर्च कम होगा और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
73 लाख रुपये की लागत से बनने वाला नया भवन बाघमारा कॉलेज के लिए केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र की उच्च शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। यदि भवन निर्माण समय पर पूरा होता है और सोलर प्लांट जैसी योजनाएं भी धरातल पर उतरती हैं, तो आने वाले वर्षों में बाघमारा कॉलेज विद्यार्थियों के लिए और अधिक आधुनिक एवं सुविधाजनक शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित हो सकेगा।