Dhanbad News : धनबाद बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़: 5 अपराधी गिरफ्तार, 13 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद
धनबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, संगठित बाइक चोरी नेटवर्क का खुलासा
धनबाद पुलिस ने बाइक चोरी की बढ़ती घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 13 चोरी की मोटरसाइकिल और चोरी में इस्तेमाल होने वाला विशेष उपकरण बरामद किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी चोरी की बाइक का रंग और पहचान बदलकर उन्हें दूसरे क्षेत्रों में बेच देते थे।
झारखंड के धनबाद जिले में बाइक चोरी की लगातार बढ़ रही घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। निरसा अनुमंडल के कालूबथान ओपी क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की 13 मोटरसाइकिल बरामद की हैं। इसके अलावा वाहनों के लॉक तोड़ने और चोरी को अंजाम देने में इस्तेमाल होने वाला विशेष औजार भी जब्त किया गया है।
ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब ने प्रेस वार्ता में बताया कि 19 जून को कालूबथान ओपी क्षेत्र में हुई बाइक चोरी की घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया था। टीम को अपराधियों की तलाश और चोरी की घटनाओं का खुलासा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी
पुलिस को जांच के दौरान गुप्त सूचना मिली कि बाइक चोरी की घटनाओं में शामिल कुछ संदिग्ध युवक नयाडांगा काली मंदिर मैदान के आसपास मौजूद हैं। सूचना के आधार पर 21 जून को विशेष टीम ने इलाके में छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान अमित कुमार चौहान, मनीष कुमार दुबे, सूरज हेम्ब्रम, चंदन कुमार और राजकुमार के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने बाइक चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
चोरी के बाद बदल देते थे बाइक की पहचान
पुलिस जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों ने बताया कि वे चोरी की बाइक को पहचान से बचाने के लिए उसका नंबर प्लेट तोड़ देते थे। इसके अलावा चेसिस नंबर और इंजन नंबर के निशान मिटाने की भी कोशिश की जाती थी।
गिरोह के सदस्य मोटरसाइकिल का रंग बदलकर और बाहरी स्वरूप में बदलाव कर उसे नई बाइक जैसा बना देते थे। इसके बाद चोरी की बाइक को कम कीमत पर विभिन्न क्षेत्रों में बेच दिया जाता था। इस तरीके से पुलिस और वाहन मालिकों के लिए चोरी की बाइक को पहचानना काफी मुश्किल हो जाता था।
बरामद हुईं 13 चोरी की मोटरसाइकिलें
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से कुल 13 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की हैं। बरामद वाहनों के दस्तावेजों और इंजन-चेसिस नंबर की जांच की जा रही है ताकि उनके वास्तविक मालिकों की पहचान की जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद मोटरसाइकिलें धनबाद सहित आसपास के कई क्षेत्रों से चोरी की गई थीं। संभावना जताई जा रही है कि गिरोह लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था और कई जिलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। कुछ आरोपी पहले भी चोरी और अन्य आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस उनके पुराने मामलों की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से क्षेत्र में बाइक चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगेगा। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों और खरीदारों की पहचान भी की जा रही है।
विशेष टीम की भूमिका रही अहम
इस पूरे अभियान में गठित विशेष जांच टीम की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और स्थानीय सूचना नेटवर्क की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। लगातार निगरानी और सटीक सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई के कारण पुलिस को यह सफलता मिली।
ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। आम लोगों से भी अपील की गई है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सके।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है। इसके अलावा चोरी की मोटरसाइकिल खरीदने वाले लोगों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
धनबाद पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। बाइक चोरी से परेशान वाहन मालिकों के लिए यह राहत भरी खबर है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में ऐसे अपराधों पर और प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।