Dhanbad News : गणित एवं विज्ञान क्लबों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
Dhanbad News : राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत गोविंदपुर डायट में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण में 137 शिक्षकों और बीआरपी ने लिया हिस्सा, गतिविधि-आधारित शिक्षण और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने पर रहा जोर
Dhanbad News : झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद और भारती एयरटेल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में गोविंदपुर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में गणित एवं विज्ञान क्लबों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के 137 शिक्षकों और बीआरपी ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, तार्किक चिंतन और रचनात्मकता को बढ़ावा देना था।
गणित एवं विज्ञान क्लबों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संचालित गणित एवं विज्ञान क्लबों को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), गोविंदपुर में एक दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारती एयरटेल फाउंडेशन एवं झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए गणित एवं विज्ञान शिक्षकों तथा बीआरपी ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण बदलाव लाने और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 137 गणित एवं विज्ञान शिक्षक तथा ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) शामिल हुए। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में संचालित गणित एवं विज्ञान क्लबों को सशक्त बनाना तथा शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराना था।
गतिविधि-आधारित शिक्षण पर दिया गया विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति (Activity Based Learning) पर विस्तार से चर्चा की। शिक्षकों को बताया गया कि किस प्रकार प्रयोग, मॉडल, खेल एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से गणित और विज्ञान जैसे विषयों को विद्यार्थियों के लिए अधिक रुचिकर और सरल बनाया जा सकता है।
इसके साथ ही गणित एवं विज्ञान क्लबों के प्रभावी संचालन, विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा तार्किक चिंतन और समस्या समाधान क्षमता बढ़ाने के विभिन्न तरीकों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को यह समझाया कि केवल पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक और खोजपरक शिक्षा से जोड़ना भी आवश्यक है।
विद्यार्थियों में जिज्ञासा और प्रयोगधर्मिता विकसित करने का आह्वान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए विद्यालयों में गणित एवं विज्ञान क्लबों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को केवल परीक्षा केंद्रित शिक्षा तक सीमित न रखें, बल्कि उनमें जिज्ञासा, खोज की प्रवृत्ति और प्रयोगधर्मिता को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि गणित एवं विज्ञान क्लब विद्यार्थियों को सीखने का एक ऐसा मंच प्रदान करते हैं, जहां वे अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक क्षमता का प्रदर्शन कर सकते हैं।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में क्लबों की महत्वपूर्ण भूमिका
विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि गणित एवं विज्ञान क्लब विद्यालयी शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थी विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों, मॉडल निर्माण, परियोजना कार्य, विज्ञान प्रदर्शनी और गणितीय प्रयोगों में भाग लेते हैं।
इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान करती हैं। क्लब आधारित शिक्षा से बच्चों में टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और नवाचार की भावना भी विकसित होती है, जो उनके भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होती है।
अधिकारियों की रही सक्रिय उपस्थिति
कार्यक्रम में सहायक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आशीष कुमार एवं सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी शंभु मिश्रा भी उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए विद्यालयों में क्लब गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने और अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार क्षमता विकसित करना समय की मांग है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई तकनीकों और शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डायट गोविंदपुर की टीम ने निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम का सफल संचालन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), गोविंदपुर के प्राचार्य जगरनाथ लोहरा के मार्गदर्शन एवं उप-प्राचार्य ओम प्रकाश के सक्रिय समन्वय में किया गया। प्रशिक्षण की समूची व्यवस्था और संचालन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में संस्थान की टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संकाय सदस्य मिनिता प्रसाद, सुनील कर्मकार, लिपिक सुभाष चंद्र ठाकुर तथा एम.डी. ताहिर अली की विशेष भूमिका रही। सभी ने प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं और गतिविधियों के संचालन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
भारती एयरटेल फाउंडेशन की रही महत्वपूर्ण भागीदारी
भारती एयरटेल फाउंडेशन की ओर से राज्य साझेदारी प्रबंधक बंधव कुमार, परियोजना समन्वयक हीरा पाठक, प्रवेश कुमार, अभिषेक कुमार एवं शाश्वत कुमार उपस्थित रहे। फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए शिक्षा में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए विद्यालयों में गणित एवं विज्ञान क्लबों को मजबूत बनाना आवश्यक है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करते हैं, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलता है।