Dhanbad News : टुंडी पशु तस्करी नेटवर्क का खुलासा: बाउंड्री वॉल से बरामद हुए कई मवेशी, फर्जी नंबर प्लेट का भी मिला सुराग
Dhanbad News : धनबाद के टुंडी थाना क्षेत्र के लछुरायडीह गांव में ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, चोरी के मवेशियों को छुपाने और बाहर भेजने के नेटवर्क की जांच तेज
Dhanbad News : धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र के लछुरायडीह गांव में अवैध पशु तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में संदिग्ध बाउंड्री वॉल से कई मवेशी बरामद किए गए। परिसर से फर्जी नंबर प्लेट, नंबर प्रिंटिंग के सांचे और पशु चारा मिलने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत लछुरायडीह गांव में अवैध पशु तस्करी के एक बड़े नेटवर्क के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध बाउंड्री वॉल परिसर का ताला खुलवाया, जहां से कई दिनों से लापता मवेशी बरामद किए गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांव और आसपास के क्षेत्रों से लगातार मवेशियों के गायब होने की घटनाएं सामने आ रही थीं। इससे ग्रामीणों के बीच पहले से ही चिंता का माहौल बना हुआ था। जब लोगों को एक बंद परिसर में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली तो इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए टुंडी थाना प्रभारी उमा शंकर, अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल और मोहम्मद नाजीर अख्तर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में संदिग्ध परिसर का ताला खुलवाया गया। जैसे ही तलाशी अभियान शुरू हुआ, वहां से कई मवेशी बरामद किए गए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए मवेशियों की पहचान और उनके मालिकों की जानकारी जुटाने का काम किया जा रहा है। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि इन मवेशियों को यहां कब से रखा गया था और इनके जरिए किस तरह का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
तलाशी में मिले फर्जी नंबर प्लेट और प्रिंटिंग सांचे
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि परिसर से फर्जी नंबर प्लेट और नंबर प्रिंटिंग के सांचे भी बरामद किए गए। इसके अलावा बड़ी मात्रा में पशु चारा भी मिला, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि यह जगह लंबे समय से पशुओं को छिपाकर रखने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी।
प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस को संदेह है कि चोरी किए गए मवेशियों को यहां कुछ दिनों तक रखा जाता था और बाद में फर्जी नंबर प्लेट लगी गाड़ियों के जरिए दूसरे इलाकों या राज्यों में भेजा जाता था। यदि जांच में यह बात सही पाई जाती है तो यह एक संगठित और बड़े स्तर पर चल रहे तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करेगा।
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से पशु चोरी की घटनाएं हो रही थीं। लोगों का आरोप है कि यह नेटवर्क कई महीनों से सक्रिय था और चोरी किए गए मवेशियों को इसी परिसर में लाकर रखा जाता था।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस नेटवर्क का खुलासा नहीं होता तो पशु चोरी की घटनाएं और बढ़ सकती थीं।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि इलाके में देर रात संदिग्ध वाहनों की आवाजाही देखी जाती थी, लेकिन किसी को इसकी वास्तविक जानकारी नहीं थी। अब कार्रवाई के बाद लोगों की आशंकाएं सही साबित होती दिखाई दे रही हैं।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि जिस परिसर से मवेशी बरामद किए गए, उसकी चाबी रखने वाला खान दास नामक व्यक्ति फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। इसके अलावा यह भी पता लगाया जाएगा कि इस अवैध गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और इलाके में निगरानी भी बढ़ा दी गई है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि पशु चोरी और तस्करी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।