World Population Day 2026: धनबाद में परिवार कल्याण मेले का शुभारंभ, 10 अगस्त तक चलेगा जागरूकता अभियान
World Population Day 2026 : ‘छोटा परिवार-सुखी परिवार’ का दिया गया संदेश, दो बच्चों के बीच तीन वर्ष का अंतर रखने और परिवार नियोजन अपनाने की अपील
World Population Day 2026 : विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर धनबाद के सदर अस्पताल में परिवार कल्याण मेले का शुभारंभ किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से आयोजित इस अभियान के तहत 10 अगस्त तक जिलेभर में परिवार नियोजन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और छोटे परिवार के महत्व को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शुक्रवार को धनबाद जिले में परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। सदर अस्पताल परिसर स्थित एमटीसी भवन में जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से आयोजित परिवार कल्याण मेले का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्षा शारदा सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करना, छोटे परिवार के लाभ बताना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए समाज को प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, आशा एवं सहिया कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान लोगों को संदेश दिया गया कि “छोटा परिवार-सुखी परिवार” केवल एक नारा नहीं बल्कि स्वस्थ और समृद्ध समाज की आधारशिला है।
10 अगस्त तक चलेगा विशेष परिवार नियोजन जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शुरू हुआ यह विशेष अभियान 10 अगस्त तक जिले के सभी प्रखंडों, पंचायतों और स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित किया जाएगा। इस दौरान परिवार नियोजन से जुड़े विभिन्न साधनों, सरकारी योजनाओं तथा सुरक्षित मातृत्व के बारे में लोगों को विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
अभियान के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक, परामर्श शिविर, स्वास्थ्य जांच, पोस्टर प्रदर्शनी और सामुदायिक बैठकों का आयोजन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक दंपतियों तक परिवार नियोजन सेवाओं की जानकारी पहुंचाना और भ्रांतियों को दूर करना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी मौजूद हैं कई चुनौतियां
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्षा शारदा सिंह ने कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की कमी, कम उम्र में विवाह तथा जागरूकता के अभाव के कारण परिवार नियोजन को लेकर कई चुनौतियां बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज को स्वस्थ और समृद्ध बनाना है तो परिवार नियोजन को जनआंदोलन बनाना होगा।
उन्होंने आशा एवं सहिया कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी दंपतियों से अपील की कि वे दो बच्चों के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर रखें, ताकि मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे तथा बच्चों को उचित पोषण, शिक्षा और देखभाल मिल सके।
उन्होंने कहा कि छोटा परिवार आर्थिक रूप से भी अधिक सशक्त होता है और परिवार के प्रत्येक सदस्य को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराया जा सकता है।
स्वस्थ परिवार ही विकसित समाज की मजबूत नींव : सिविल सर्जन
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त परिवार ही विकसित समाज की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि सरकार परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों को पूरी तरह सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में धनबाद जिले में 82 पुरुषों तथा 4,825 महिलाओं ने परिवार नियोजन के तहत नसबंदी कराई। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा महिलाओं की भागीदारी को दर्शाता है, लेकिन पुरुषों की भागीदारी अभी भी अपेक्षाकृत कम है।
डॉ. विश्वकर्मा ने पुरुषों से भी परिवार नियोजन कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि नसबंदी को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और इससे व्यक्ति के सामान्य जीवन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।
नुक्कड़ नाटक से दिया गया जागरूकता का संदेश
परिवार कल्याण मेले का सबसे आकर्षक हिस्सा नुक्कड़ नाटक रहा। कलाकारों ने मनोरंजक और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य तथा जनसंख्या नियंत्रण का संदेश दिया। नाटक में यह दिखाया गया कि छोटा परिवार न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होता है बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में परिवार नियोजन जागरूकता पोस्टर का विमोचन भी किया गया। इन पोस्टरों के माध्यम से लोगों को आधुनिक गर्भनिरोधक उपायों, सुरक्षित मातृत्व और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
उत्कृष्ट स्वास्थ्यकर्मियों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सा पदाधिकारियों (एमओआईसी), आशा कार्यकर्ताओं, सहिया तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और जनसंपर्क के कारण परिवार नियोजन कार्यक्रम लगातार बेहतर परिणाम दे रहा है।
सम्मानित स्वास्थ्यकर्मियों को प्रमाण पत्र और प्रशस्ति पत्र देकर उनके योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी उनके कार्यों की प्रशंसा की।
परिवार नियोजन से मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य और खुशहाल भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का माध्यम नहीं बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उचित अंतराल पर बच्चों का जन्म होने से मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी आती है। साथ ही बच्चों को बेहतर पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी आसान होता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि वे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध निःशुल्क परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ उठाएं और किसी भी प्रकार की शंका होने पर चिकित्सकों या आशा कार्यकर्ताओं से परामर्श लें।
जागरूकता से ही मिलेगा सकारात्मक परिणाम
विश्व जनसंख्या दिवस पर शुरू हुआ यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज में दीर्घकालिक बदलाव लाने का प्रयास है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जब तक परिवार नियोजन को लेकर समाज में जागरूकता नहीं बढ़ेगी, तब तक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल करना संभव नहीं होगा।
धनबाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि 10 अगस्त तक चलने वाला यह अभियान अधिक से अधिक लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करेगा और “छोटा परिवार-सुखी परिवार” का संदेश प्रत्येक घर तक पहुंचेगा।