Nirsa Elevated Flyover : निरसा में एलिवेटेड फ्लाईओवर पर सियासी संग्राम: सांसद ढुलू महतो और विधायक अरूप चटर्जी आमने-सामने, 2029 चुनाव तक पहुंची जुबानी जंग
Nirsa Elevated Flyover : एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना को लेकर निरसा में अलग-अलग आक्रोश मार्च, पारदर्शिता, विकास और राजनीति के मुद्दे पर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप।
Nirsa Elevated Flyover : धनबाद के निरसा में एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना को लेकर सांसद ढुलू महतो और विधायक अरूप चटर्जी आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं ने अलग-अलग आक्रोश मार्च निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया और 2029 के चुनाव तक पहुंची राजनीतिक जंग के संकेत दिए।
धनबाद जिले के निरसा में प्रस्तावित एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना अब केवल एक विकास योजना नहीं रह गई है, बल्कि यह राजनीतिक वर्चस्व और शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मुद्दा बन गई है। बुधवार को सांसद ढुलू महतो और निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने अलग-अलग स्थानों पर आक्रोश मार्च और जनसभाएं आयोजित कर अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। दोनों कार्यक्रम महज एक किलोमीटर की दूरी पर आयोजित हुए, जहां समर्थकों की भारी भीड़ जुटी और नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर राजनीतिक हमले किए।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह संकेत दे दिया है कि निरसा की राजनीति अब विकास परियोजनाओं के साथ-साथ आगामी चुनावों की रणनीति के इर्द-गिर्द भी घूमने लगी है। दोनों नेताओं के बयानों में 2029 के लोकसभा चुनाव का जिक्र भी खुलकर सामने आया, जिससे यह साफ हो गया कि यह संघर्ष आने वाले वर्षों तक जारी रह सकता है।

अरूप चटर्जी ने पारदर्शिता और स्थानीय रोजगार का उठाया मुद्दा
सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के बैनर तले निकाले गए आक्रोश मार्च में विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि उनका विरोध एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना से नहीं, बल्कि उसके क्रियान्वयन के तरीके से है। उन्होंने मांग की कि परियोजना का डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) सार्वजनिक किया जाए ताकि आम लोग भी इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें।
उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि परियोजना में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मिलना चाहिए। विधायक ने कथित माफियाई गतिविधियों और लूट की संस्कृति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विकास कार्य पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होने चाहिए।
भाजपा पर खर्च कर भीड़ जुटाने का आरोप
अपने संबोधन के दौरान अरूप चटर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि उनकी रैली बिना किसी बड़े प्रचार अभियान और आर्थिक खर्च के सफल रही, जबकि भाजपा ने कई दिनों तक बड़े पैमाने पर प्रचार और भारी खर्च के बाद भीड़ जुटाने का प्रयास किया।
उन्होंने जिला प्रशासन पर भी निष्पक्षता नहीं बरतने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि उनके कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी गई, जबकि सांसद के कार्यक्रम को प्रशासनिक सहयोग मिला। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन एकतरफा रवैया अपनाकर सत्ता पक्ष के पक्ष में कार्य कर रहा है।
2029 चुनाव में ढुलू महतो को हराने का दावा
अरूप चटर्जी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उनका राजनीतिक संघर्ष केवल वर्तमान मुद्दे तक सीमित नहीं है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि उनका लक्ष्य वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में सांसद ढुलू महतो को राजनीतिक रूप से चुनौती देना और उन्हें हराना है। इस बयान ने पूरे राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया।
ढुलू महतो का पलटवार, कहा- विधायक विकास विरोधी
दूसरी ओर सांसद ढुलू महतो ने अपने भाई और बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो के साथ विशाल पैदल मार्च और जनसभा आयोजित की। उन्होंने कहा कि निरसा की जनता का समर्थन यह साबित करता है कि क्षेत्र के लोग विकास चाहते हैं, जबकि कुछ राजनीतिक ताकतें विकास कार्यों में बाधा डाल रही हैं।
सांसद ने आरोप लगाया कि अरूप चटर्जी और उनके पिता के लंबे राजनीतिक कार्यकाल में क्षेत्र में कोई नया उद्योग स्थापित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कई औद्योगिक इकाइयां बंद हो गईं और रोजगार के अवसर कम होते चले गए। उनके अनुसार जैसे ही वर्तमान में विकास परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ, उसका विरोध शुरू कर दिया गया।
डीपीआर पर सांसद का जवाब
एलिवेटेड फ्लाईओवर के डीपीआर को सार्वजनिक करने की मांग पर सांसद ढुलू महतो ने कहा कि यह विषय जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकार क्षेत्र का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसद का कार्य विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का होता है, जबकि तकनीकी दस्तावेज जारी करना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि जनता को भ्रमित करने के बजाय परियोजना को समय पर पूरा कराने के लिए सभी पक्षों को सकारात्मक सहयोग देना चाहिए।
प्रशासन और मुख्यमंत्री पर दिए गए बयानों को लेकर भी हमला
सांसद ने विधायक के उन बयानों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें प्रशासन और राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जनता विकास के पक्ष में है और वर्ष 2029 के चुनाव में मतदाता स्वयं यह तय करेंगे कि क्षेत्र के विकास में किसकी भूमिका रही और किसने केवल विरोध की राजनीति की।
विकास बनाम राजनीति की बहस तेज
एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना का उद्देश्य निरसा क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना और लोगों को जाम की समस्या से राहत दिलाना माना जा रहा है। लेकिन जिस तरह से इस परियोजना को लेकर दोनों प्रमुख नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव सामने आया है, उससे विकास का मुद्दा अब राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदलता दिखाई दे रहा है।
एक पक्ष परियोजना में पारदर्शिता, स्थानीय रोजगार और निगरानी की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे विकास विरोधी राजनीति करार दे रहा है। दोनों नेताओं के अलग-अलग दावों ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस का केंद्र बना दिया है।
आने वाले दिनों में और गरमा सकती है धनबाद की राजनीति
निरसा में एक ही दिन दो बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन इस बात का संकेत हैं कि धनबाद की राजनीति आने वाले समय में और अधिक सक्रिय रहने वाली है। एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना अब केवल एक आधारभूत संरचना परियोजना नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रभाव, जनसमर्थन और चुनावी रणनीति का प्रमुख मुद्दा बन चुकी है।
फिलहाल दोनों नेताओं ने अपने-अपने पक्ष को मजबूती से जनता के सामने रखा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक संघर्ष विकास कार्यों को नई दिशा देता है या फिर आगामी चुनावों तक आरोप-प्रत्यारोप और शक्ति प्रदर्शन का सिलसिला इसी तरह जारी रहता है।