Dhanbad News : पिकअप की टक्कर से घायल गिरिडीह के राजमिस्त्री की मौत, एसएनएमएमसीएच में इलाज के दौरान तोड़ा दम
Dhanbad News : गिरिडीह के बेलकुशी गांव निवासी 28 वर्षीय नकुल मुर्मू की सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद धनबाद के एसएनएमएमसीएच में इलाज के दौरान मौत, परिवार में पसरा मातम।
Dhanbad News : धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में इलाजरत एक सड़क दुर्घटना के घायल युवक की सोमवार सुबह मौत हो गई। मृतक की पहचान गिरिडीह जिले के देवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलकुशी गांव निवासी 28 वर्षीय नकुल मुर्मू के रूप में हुई है। वह पेशे से राजमिस्त्री थे और रोज़ की तरह काम पर जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

काम पर जाते समय हुआ दर्दनाक सड़क हादसा
जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे नकुल मुर्मू अपने घर से राजमिस्त्री के काम पर जाने के लिए निकले थे। प्रतिदिन की तरह वह अपने कार्यस्थल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार से आ रहे एक पिकअप वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि नकुल मुर्मू सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए उन्हें सड़क से उठाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को भी घटना की जानकारी दी।
प्राथमिक उपचार के बाद धनबाद किया गया रेफर
स्थानीय अस्पताल में डॉक्टरों ने घायल नकुल मुर्मू का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट लगने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) रेफर कर दिया।
एसएनएमएमसीएच में चिकित्सकों की निगरानी में उनका लगातार इलाज चल रहा था। परिवार के लोग भी अस्पताल में मौजूद रहकर उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
इलाज के दौरान सोमवार सुबह हुई मौत
कई घंटे तक चले इलाज के बावजूद नकुल मुर्मू की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। सोमवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रशासन द्वारा मौत की पुष्टि किए जाने के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
युवा बेटे की मौत की खबर मिलते ही पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस घटना से बेलकुशी गांव में भी शोक का माहौल है।
मां ने बताया— डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन बेटा नहीं बच सका
मृतक की मां मुनी हेंब्रम ने बताया कि हादसे के बाद उनके बेटे का लगातार इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
उन्होंने बताया कि नकुल परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए रोज़ मेहनत-मजदूरी और राजमिस्त्री का काम करता था। उसकी असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। परिजनों का कहना है कि नकुल घर का कमाने वाला सदस्य था और उसकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
गांव में शोक, अंतिम दर्शन के लिए जुटे लोग
नकुल मुर्मू की मौत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव बेलकुशी पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। रिश्तेदार और आसपास के लोग लगातार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नकुल मेहनती और मिलनसार युवक था। वह अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए लगातार मेहनत करता था। उसकी असमय मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है।
बढ़ते सड़क हादसे बने चिंता का विषय
क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसे लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण आए दिन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि सड़क पर वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन, सतर्कता और यातायात नियमों का अनुपालन ही दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
28 वर्ष की उम्र में नकुल मुर्मू की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक मेहनतकश युवक की असमय मौत ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। परिजन अब न्याय और भविष्य की चिंता के बीच गम में डूबे हुए हैं। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।