Dhanbad News : तालाब में डूबने से युवक की दर्दनाक मौत, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
Dhanbad News : मरिचो पंचायत के पारघो गांव में नहाने गए युवक का शव अगले दिन तालाब से बरामद, परिवार में मचा कोहराम
Dhanbad News : बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के पारघो गांव में तालाब में डूबने से 35 वर्षीय मजदूर दिलीप हांसदा की मौत हो गई। नहाने के लिए तालाब गए युवक का शव अगले दिन बरामद हुआ। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के मरिचो पंचायत अंतर्गत पारघो गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। गांव के रहने वाले 35 वर्षीय दिलीप हांसदा की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दिलीप हांसदा अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था और मजदूरी कर अपने घर का खर्च चलाता था। उसके पीछे पत्नी और तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ गया है।
परिजनों के मुताबिक, बुधवार दोपहर दिलीप हांसदा गांव के बाहर स्थित तालाब में नहाने के लिए गया था। आम दिनों की तरह वह घर से निकला, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। पहले तो परिवार वालों ने सोचा कि वह किसी काम से रुक गया होगा, लेकिन जब रात होने लगी और उसका कोई पता नहीं चला, तो चिंता बढ़ गई।
इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर उसकी तलाश शुरू की। गांव और आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन देर रात तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। पूरी रात परिवार वाले बेचैनी और डर के साये में रहे। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने फिर से तालाब के आसपास खोज अभियान शुरू किया।
काफी प्रयास और ग्रामीणों की मदद से तालाब में खोजबीन की गई, जहां कुछ देर बाद दिलीप हांसदा का शव पानी में मिला। शव मिलने की खबर फैलते ही गांव में मातम छा गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही बरवाअड्डा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के कई तालाबों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई बार ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाबों के आसपास सुरक्षा उपाय बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, लेकिन इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर सुरक्षा के बेहतर इंतजाम होते तो शायद यह हादसा टल सकता था।
स्थानीय जनप्रतिनिधि दिलीप चौधरी ने घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन से मृतक के आश्रितों को सरकारी सहायता और मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर है और ऐसे में प्रशासन को तत्काल राहत उपलब्ध करानी चाहिए।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को उजागर किया है। एक मजदूर की असमय मौत ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे दुख में डुबो दिया है। अब गांव वालों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवार को जल्द राहत मिले और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कदम उठाए जाएं।