Dhanbad News : फिर फटी धरती, दहशत में ग्रामीण, सुरक्षित पुनर्वास की उठी मांग
Dhanbad News : बाघमारा के टंडावाड़ी स्थित कर्मकार टोला में देर रात जमीन धंसने से बढ़ी चिंता, खनन प्रभावित क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाओं से लोगों में डर का माहौल
Dhanbad News : धनबाद के बाघमारा क्षेत्र अंतर्गत टंडावाड़ी में एक बार फिर भू-धंसान की घटना सामने आई है। कर्मकार टोला में जमीन धंसने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। स्थानीय लोग भूमिगत कोयला खनन को इसका कारण मानते हुए प्रशासन और बीसीसीएल से सुरक्षित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
टंडावाड़ी में फिर भू-धंसान, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड अंतर्गत सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडावाड़ी स्थित कर्मकार टोला में मंगलवार देर रात एक बार फिर भू-धंसान की घटना ने इलाके में दहशत फैला दी। अचानक जमीन धंसने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने खनन प्रभावित इस इलाके में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार जमीन धंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों के मुताबिक हर बार जांच और आश्वासन के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है, जिससे लोगों का भरोसा कमजोर होता जा रहा है।
भूमिगत खनन को बताया जा रहा कारण
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे भूमिगत कोयला खनन के कारण जमीन के नीचे बड़े पैमाने पर खाली जगह बन गई है। यही वजह है कि समय-समय पर जमीन धंसने जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। लोगों का कहना है कि खनन गतिविधियों का असर अब सीधे उनके घरों और जीवन पर दिखाई देने लगा है।
स्थानीय महिला साबो कामिन ने बताया कि इलाके में पहले भी कई बार जमीन फटने और धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हर बार डर के साए में रहना पड़ता है क्योंकि यह नहीं पता होता कि अगली घटना कब और कहां हो जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सबसे अधिक चिंता बनी रहती है।
सुरक्षित पुनर्वास की मांग तेज
ग्रामीण रोहित कर्मकार समेत कई स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास और क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वे कराने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार भय और असुरक्षा के बीच जीवन जीना मुश्किल होता जा रहा है। कई परिवार रात के समय घरों में चैन से नहीं सो पाते क्योंकि उन्हें हमेशा किसी बड़े हादसे का डर सताता रहता है।
प्रशासन और खनन कंपनियों पर उठ रहे सवाल
लगातार सामने आ रही भू-धंसान की घटनाओं के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और खनन कंपनियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि खनन प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते सुरक्षा उपाय और पुनर्वास योजनाएं लागू नहीं की गईं तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
टंडावाड़ी की यह ताजा घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर कब तक केवल आश्वासन ही दिए जाते रहेंगे।