Dhanbad News : मैथन से लौट रही पुलिस टीम हादसे का शिकार: एनएच-19 पर ट्रेलर से टकराई सरकारी गाड़ी, एक जवान की मौत, तीन पुलिसकर्मी घायल
Dhanbad News : हजारीबाग के चलकुशा थाना की पुलिस टीम आरोपी की तलाश में मैथन गई थी। छापेमारी के बाद लौटते समय बरवाअड्डा के पास सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से सरकारी वाहन टकरा गया। हादसे में एक जवान की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
Dhanbad News : धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र स्थित एनएच-19 पर दर्दनाक सड़क हादसे में हजारीबाग पुलिस के जवान रामलखन यादव की मौत हो गई। चलकुशा थाना की पुलिस टीम मैथन से लौट रही थी, तभी सरकारी वाहन ट्रेलर से टकरा गया। तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं।
धनबाद में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने झारखंड पुलिस को बड़ा झटका दिया। हजारीबाग जिले के चलकुशा थाना की पुलिस टीम मैथन क्षेत्र में एक अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर वापस लौट रही थी। इसी दौरान बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (एनएच-19) पर सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर से उनकी सरकारी गाड़ी की जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि सरकारी वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में एक पुलिस जवान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

आरोपी की तलाश में गई थी पुलिस टीम
प्राप्त जानकारी के अनुसार हजारीबाग जिले के चलकुशा थाना की पुलिस टीम मंगलवार तड़के धनबाद के मैथन इलाके में एक वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए रवाना हुई थी। पुलिस ने इलाके में कई स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लग सका। कार्रवाई पूरी करने के बाद टीम सरकारी वाहन से वापस हजारीबाग लौट रही थी।
सुबह के समय जब पुलिस वाहन बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में एनएच-19 से गुजर रहा था, तभी सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर से उसकी तेज रफ्तार में टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
मौके पर ही जवान की मौत
इस दर्दनाक हादसे में 50 वर्षीय पुलिस जवान रामलखन यादव की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही बरवाअड्डा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल पुलिसकर्मियों को वाहन से बाहर निकालने में मदद की।
हादसे में घायल पुलिसकर्मियों में नरेश यादव, ग्रीन पासवान तथा सरकारी वाहन के चालक गौरव कुमार शामिल हैं। तीनों को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
एसएनएमएमसीएच से असर्फी अस्पताल किया गया रेफर
घायलों को सबसे पहले धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) लाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। गंभीर चोटों को देखते हुए डॉक्टरों ने तीनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए असर्फी अस्पताल रेफर कर दिया।
अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है। चिकित्सकों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया और इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया।
हादसे के बाद पुलिस महकमे में शोक
इस दुर्घटना में एक जवान की मौत की खबर मिलते ही हजारीबाग और धनबाद पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। साथी पुलिसकर्मियों ने दिवंगत जवान के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया। बताया जा रहा है कि रामलखन यादव लंबे समय से पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे और अपने कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव के लिए जाने जाते थे।
पुलिस विभाग द्वारा जवान के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके परिजनों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। विभाग की ओर से नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
एएसआई विनोद कुर्जू ने दी घटना की जानकारी
एसएनएमएमसीएच आरक्षी चौकी के एएसआई विनोद कुर्जू ने बताया कि चलकुशा थाना की पुलिस टीम मैथन क्षेत्र में छापेमारी करने गई थी। लौटने के दौरान बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में एनएच-19 पर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से सरकारी वाहन की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक पुलिस जवान की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए हैं। सभी घायलों का इलाज जारी है।
हादसे की जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रेलर सड़क किनारे किस परिस्थिति में खड़ा था और दुर्घटना के पीछे किन कारणों की भूमिका रही। साथ ही वाहन की गति, सड़क की स्थिति और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
प्रारंभिक तौर पर पुलिस इसे सड़क दुर्घटना मानकर जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
एनएच-19 पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क किनारे भारी वाहनों के खड़े रहने की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे वाहनों की पार्किंग और चेतावनी संकेतों की व्यवस्था बेहतर हो, तो कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
इस हादसे ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन और नियमित निगरानी बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।