Dhanbad News : धनबाद में चलंत लोक अदालत की शुरुआत, एक माह तक प्रखंडों और पंचायतों में पहुंचेगी न्यायिक टीम
Dhanbad News : ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को मिलेगी निःशुल्क कानूनी जानकारी, विधिक सहायता और अधिकारों की जानकारी; डोलाबर पंचायत में पहले दिन सैकड़ों ग्रामीणों को किया गया जागरूक
Dhanbad News : धनबाद सिविल कोर्ट परिसर से चलंत लोक अदालत को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल अगले एक महीने तक जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में पहुंचकर लोगों को कानून, उनके अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता और विवादों के वैकल्पिक समाधान के बारे में जागरूक करेगी। पहले दिन बलियापुर प्रखंड की डोलाबर पंचायत में ग्रामीणों को कानूनी जानकारी दी गई और स्थानीय समस्याओं के समाधान की पहल की गई।
Dhanbad News : आम लोगों तक न्याय और कानूनी सहायता की पहुंच आसान बनाने की दिशा में धनबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। गुरुवार को धनबाद सिविल कोर्ट परिसर से चलंत लोक अदालत को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सुबह करीब 10:30 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की टीम और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी रही।
चलंत लोक अदालत का उद्देश्य केवल कानूनी जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन लोगों तक न्यायिक व्यवस्था और विधिक सहायता की जानकारी पहुंचाना है, जो किसी कारणवश न्यायालय या कानूनी सहायता केंद्रों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते हैं। इसके तहत अगले एक महीने तक धनबाद जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में चलंत लोक अदालत की टीम पहुंचेगी।

चलंत लोक अदालत को रवाना करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि इस पहल के माध्यम से जिले के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कानून के प्रति जागरूक किया जाएगा। लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, विधिक सहायता और न्याय तक सुलभ पहुंच के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में लोग अपने अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि कानून और न्यायिक सहायता से जुड़ी जानकारी लोगों के बीच जाकर दी जाए। चलंत लोक अदालत इसी उद्देश्य के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचेगी।
इसके माध्यम से लोगों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ सरकार की ओर से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और विवादों के समाधान के लिए उपलब्ध वैकल्पिक उपायों की जानकारी भी दी जाएगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, धनबाद की ओर से बताया गया कि चलंत लोक अदालत के माध्यम से लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा छोटे-मोटे विवादों को आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से सुलझाने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
लोक अदालत की अवधारणा का एक प्रमुख उद्देश्य यह है कि ऐसे विवाद, जिन्हें आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है, उन्हें लंबे समय तक न्यायालय में लंबित रखने के बजाय वैकल्पिक माध्यमों से समाधान की दिशा में ले जाया जाए। इससे लोगों का समय और संसाधन दोनों बच सकते हैं।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आम लोगों से अपील की कि वे चलंत लोक अदालत की इस पहल का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी कानूनी समस्याओं या अधिकारों से जुड़ी जानकारी के लिए टीम से संपर्क करें।
चलंत लोक अदालत की शुरुआत के बाद पहले दिन इसकी टीम बलियापुर प्रखंड के डोलाबर पंचायत पहुंची। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश मयंक तुषार टोपनों के अनुसार, एलएडीसीएस के डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट के नेतृत्व में टीम ने पंचायत क्षेत्र में ग्रामीणों से संवाद किया।
इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों को मौके पर ही विभिन्न कानूनी विषयों की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को उनके अधिकारों, उपलब्ध कानूनी सहायता और समस्याओं के समाधान के संभावित तरीकों के बारे में बताया गया। वहीं, मौके पर सामने आई कुछ समस्याओं को लेकर भी आवश्यक मार्गदर्शन और समाधान की पहल की गई।
इस पहल से ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही कानूनी सहायता और जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। खास तौर पर ऐसे लोगों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया की जानकारी नहीं है या जो आर्थिक अथवा अन्य कारणों से न्यायालय तक आसानी से नहीं पहुंच पाते।
चलंत लोक अदालत के शुभारंभ कार्यक्रम में धनबाद न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कई पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीष पारस, कुमार सिन्हा, मधुरेश कुमार वर्मा, विजय कुमार श्रीवास्तव, राकेश कुमार, कुमार साकेत, जे जननी, विजयकांत श्रीवास्तव, विकेश सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विनय कुमार लाल, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पीएस घोष, अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार मयंक तुषार टोपनों, अवर न्यायाधीश समा रोशनी कुलू, निर्मला बारला, राजीव कुमार सिंह, परमानंद उपाध्याय, राजेश कुमार, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सृष्टि घई और मेघा प्रियंका लकड़ा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की टीम की भी सक्रिय भागीदारी रही। टीम में चीफ कुमार विमलेंदु, डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट, सहायक कन्हैयालाल ठाकुर, सुमन पाठक, शैलेंद्र झा, नीरज गोयल, स्वाति कुमारी और मुस्कान चोपड़ा सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से डालसा सहायक सौरभ सरकार, अरुण कुमार और राजीव कुमार के साथ पीएलवी राजेश कुमार सिंह, नवीन कुमार, राजनंदन किस्कू, आनंद चक्रवर्ती और मनोज कुमार समेत कई लोग इस अभियान में शामिल रहे।
चलंत लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह अभियान किसी एक स्थान तक सीमित नहीं रहेगा। अगले एक महीने तक टीम धनबाद जिले के अलग-अलग प्रखंडों और पंचायतों में जाकर लोगों से सीधे संवाद करेगी।
इस दौरान ग्रामीणों को यह समझाने का प्रयास किया जाएगा कि कानून और न्यायिक सहायता केवल शहरों या न्यायालय परिसरों तक सीमित नहीं है। जरूरतमंद व्यक्ति अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ने से लोगों को कानूनी प्रक्रियाओं को समझने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और विवादों के समाधान के लिए उचित माध्यम चुनने में मदद मिल सकती है।
चलंत लोक अदालत की यह पहल आने वाले दिनों में जिले के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को कानून से जोड़ने और न्याय तक पहुंच को अधिक सहज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।