Dhanbad News : ATM में कार्ड फंसाकर ₹45,700 की ठगी, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लगाया चूना
Dhanbad News : धनबाद के हीरापुर हरि मंदिर रोड स्थित SBI ATM में कार्ड फंसने के बाद मदद के नाम पर एक व्यक्ति से ₹45,700 की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि एक युवक ने खुद को बैंक से जुड़ा बताकर फोन नंबर दिया और बाद में फर्जी बैंक अधिकारी बनकर उसके खाते से रकम निकाल ली।
Dhanbad News : धनबाद में ATM कार्ड फंसने के बाद साइबर ठगी का मामला सामने आया है। हरिओम टावर निवासी रामपद कुमार के खाते से ठगों ने चार बार में ₹40 हजार नकद निकाले और ₹5,700 की खरीदारी की। पीड़ित ने धनबाद थाना में लिखित शिकायत देकर आरोपी की गिरफ्तारी और ATM की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
धनबाद में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें ATM कार्ड फंसने के बाद मदद लेने पहुंचे व्यक्ति को कथित तौर पर ठगों ने अपना शिकार बना लिया। घटना धनबाद के हीरापुर हरि मंदिर रोड स्थित SBI ATM की बताई जा रही है। पीड़ित के अनुसार, ATM में कार्ड फंसने के बाद एक व्यक्ति ने मदद के नाम पर उनसे संपर्क किया और खुद को बैंक से जुड़ा बताते हुए एक मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया।
पीड़ित की शिकायत के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के बाद उनके बैंक खाते से कुल ₹45,700 की राशि निकल गई। इसमें ₹40 हजार की नकद निकासी के साथ-साथ ₹5,700 की खरीदारी भी शामिल है।
जानकारी के अनुसार, धनबाद के हरिओम टावर बिल्डिंग निवासी रामपद कुमार पैसे निकालने के लिए हीरापुर हरि मंदिर रोड स्थित SBI ATM पहुंचे थे। इसी दौरान ATM मशीन में उनका कार्ड फंस गया। उन्होंने कार्ड को बाहर निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसी दौरान एक व्यक्ति ATM कक्ष में पहुंचा। आरोप है कि उसने रामपद कुमार को परेशान देखकर मदद करने की बात कही। उसने पीड़ित को एक मोबाइल नंबर दिया और दावा किया कि यह चिरागोड़ा SBI बैंक का नंबर है। साथ ही बताया कि इस नंबर पर संपर्क करने से बैंक कर्मचारी कार्ड निकालने में उनकी मदद कर सकते हैं।
मुश्किल परिस्थिति में फंसे रामपद कुमार ने उस व्यक्ति की बात पर भरोसा कर लिया और दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन किया।
पीड़ित के अनुसार, फोन रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताया। बातचीत के दौरान उसने रामपद कुमार को भरोसा दिलाया कि वह उनके ATM कार्ड से संबंधित समस्या को हल कर सकता है। इसके बाद उन्हें बैंक आने के लिए कहा गया।
रामपद कुमार जब बैंक पहुंचे, तब उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुके हैं। जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जानकारी ली तो खाते से बड़ी रकम निकाले जाने की जानकारी सामने आई।
पीड़ित के अनुसार, उनके खाते से 10-10 हजार रुपये करके चार बार में कुल ₹40 हजार निकाल लिए गए। इसके अलावा उनके कार्ड से ₹5,700 की शॉपिंग भी की गई। इस तरह उनके खाते से कुल ₹45,700 की रकम चली गई।
घटना का सबसे अहम पहलू यह है कि ठगों ने एक ही बार में पूरी रकम निकालने के बजाय अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे निकाले। पीड़ित के मुताबिक, चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन में ₹10-10 हजार करके कुल ₹40 हजार निकाले गए।
इसके बाद कार्ड के माध्यम से ₹5,700 की खरीदारी भी की गई। इस तरह कुछ ही समय में पीड़ित के खाते से हजारों रुपये गायब हो गए।
इस घटना के बाद रामपद कुमार ने तत्काल अपना ATM कार्ड ब्लॉक कराया, ताकि खाते से आगे किसी तरह की राशि निकाली न जा सके।
ठगी की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने धनबाद थाना पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच करने और आरोपी की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
पीड़ित का कहना है कि ATM में कार्ड फंसने के बाद वह स्वाभाविक रूप से परेशान थे। इसी घबराहट और जल्दबाजी के बीच उन्हें मददगार समझकर आरोपी की बात पर भरोसा हो गया। यही भरोसा उनके लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन गया।
पुलिस से शिकायत के बाद अब मामले में ATM के आसपास मौजूद संभावित CCTV फुटेज, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और मोबाइल नंबर समेत अन्य तकनीकी जानकारी की जांच अहम मानी जा रही है।
इस घटना के बाद संबंधित ATM की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित रामपद कुमार का कहना है कि ATM में सुरक्षा के लिए कोई गार्ड मौजूद नहीं था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वहां CCTV कैमरे की व्यवस्था भी उन्हें नजर नहीं आई।
अगर ATM में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी होती, तो संभव है कि संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती थी। हालांकि CCTV की वास्तविक स्थिति और घटना के समय उसकी कार्यशीलता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पीड़ित ने पुलिस प्रशासन और संबंधित बैंक प्रबंधन से मांग की है कि ATM में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और CCTV कैमरों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
यह घटना ATM इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। अगर ATM में कार्ड फंस जाए तो किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने या उसके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने से बचना चाहिए।
बैंक से संपर्क करने के लिए हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, पासबुक, कार्ड के पीछे दिए गए आधिकारिक नंबर या बैंक के अधिकृत माध्यम का ही इस्तेमाल करना सुरक्षित माना जाता है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, PIN, CVV, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
ATM में कार्ड फंसने की स्थिति में सबसे सुरक्षित कदम कार्ड को तुरंत ब्लॉक कराना और संबंधित बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या शाखा से संपर्क करना है।
फिलहाल धनबाद में सामने आए इस मामले में पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि खाते से निकाली गई रकम और की गई खरीदारी के जरिए पुलिस आरोपियों तक कैसे पहुंचती है।