Dhanbad News : निरसा में 25वीं शहादत दिवस पर याद किए गए सुशांत सेनगुप्ता, शहादत स्थल पर अपर्णा सेनगुप्ता ने दी श्रद्धांजलि
Dhanbad News : रामकनाली स्थित शहादत स्थल पर आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर किया स्मरण; 25 साल बाद भी हत्या मामले के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार
Dhanbad News : धनबाद के निरसा में पूर्व विधायक अपर्णा सेनगुप्ता के पति और भाजपा नेता रहे स्वर्गीय सुशांत सेनगुप्ता की 25वीं शहादत दिवस पर रामकनाली स्थित शहादत स्थल पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में हत्या के 25 वर्ष बाद भी मामले के अंतिम मुकाम तक नहीं पहुंचने का मुद्दा भी उठाया गया।
Dhanbad News : धनबाद जिले के निरसा में पूर्व विधायक अपर्णा सेनगुप्ता के पति और भाजपा नेता रहे स्वर्गीय सुशांत सेनगुप्ता की 25वीं शहादत दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। सोमवार, 5 अक्टूबर को निरसा के रामकनाली स्थित शहादत स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता और समर्थक यहां पहुंचे और स्वर्गीय सुशांत सेनगुप्ता के योगदान को याद किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने सुशांत सेनगुप्ता के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें नमन किया। इस मौके पर उनके साथ घटना में जान गंवाने वाले उनके छोटे भाई संजय सेनगुप्ता और मित्र डीडी पाल को भी याद किया गया।
सुशांत सेनगुप्ता की हत्या से जुड़ी घटना को 25 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज भी यह मामला निरसा की राजनीति और स्थानीय लोगों की स्मृतियों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

बताया जाता है कि 25 वर्ष पहले सुशांत सेनगुप्ता अपने छोटे भाई संजय सेनगुप्ता और मित्र डीडी पाल के साथ धनबाद से निरसा की ओर आ रहे थे। इसी दौरान रामकनाली के समीप अपराधियों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाकर गोलीबारी कर दी। गोलीबारी की इस घटना में सुशांत सेनगुप्ता, संजय सेनगुप्ता और डीडी पाल की मौके पर ही मौत हो गई थी।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंपी गई। हालांकि, परिजनों और समर्थकों का कहना है कि घटना के 25 वर्ष गुजर जाने के बाद भी मामला अभी तक अपने अंतिम मुकाम तक नहीं पहुंच पाया है।
शहादत दिवस के मौके पर एक बार फिर इस पुराने मामले को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि इतने लंबे समय के बाद भी मामले का पूरी तरह से निष्कर्ष तक नहीं पहुंचना चिंता का विषय है।
परिजनों और समर्थकों के बीच इस मामले को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली। श्रद्धांजलि सभा केवल एक स्मरण कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस दौरान सुशांत सेनगुप्ता की राजनीतिक और सामाजिक भूमिका को भी याद किया गया।
स्थानीय राजनीति में सुशांत सेनगुप्ता की सक्रियता और उनके साथ हुई हत्या की घटना को लेकर हर वर्ष शहादत दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। रामकनाली स्थित शहादत स्थल इस स्मरण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
श्रद्धांजलि सभा में धनबाद जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से भाजपा नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय सुशांत सेनगुप्ता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सुशांत सेनगुप्ता के साथ बिताए समय और उनके राजनीतिक जीवन से जुड़े प्रसंगों को भी याद किया। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोगों ने उनके अधूरे कार्यों और विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही।
इस दौरान माहौल भावुक भी रहा। 25 वर्ष पहले हुई घटना को याद करते हुए परिजनों और समर्थकों ने कहा कि समय बीतने के बावजूद इस घटना की यादें आज भी लोगों के मन में मौजूद हैं।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अपर्णा सेनगुप्ता ने कहा कि निरसा की राजनीति में हिंसा और हत्या के दौर को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने अपने संबोधन में सुशांत सेनगुप्ता की हत्या को लेकर लंबे समय से चले आ रहे सवालों और मामले के अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंचने की बात भी रखी।
अपर्णा सेनगुप्ता ने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि जनता के बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसका रास्ता हिंसा नहीं हो सकता।
उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी बात रखी। अपर्णा सेनगुप्ता ने दावा किया कि वर्ष 2029 के चुनाव में निरसा की जनता एक बार फिर उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर विधानसभा भेजेगी। यह उनके व्यक्तिगत राजनीतिक दावे के रूप में कार्यक्रम में सामने आया।
रामकनाली स्थित शहादत स्थल पर हर वर्ष आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम सुशांत सेनगुप्ता, संजय सेनगुप्ता और डीडी पाल की स्मृति से जुड़ा हुआ है। 25वीं शहादत दिवस पर भी यहां पहुंचे लोगों ने तीनों को श्रद्धांजलि दी।
स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर कई सवाल आज भी चर्चा में रहते हैं। खासकर इतने लंबे समय बाद भी मामले के अंतिम परिणाम को लेकर परिजनों और समर्थकों की अपेक्षाएं बनी हुई हैं।
श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सुशांत सेनगुप्ता की स्मृति को उनके समर्थक और परिवार आज भी जीवित रखे हुए हैं। हर वर्ष आयोजित होने वाला कार्यक्रम उनके राजनीतिक जीवन और उनके साथ हुई घटना को याद करने का अवसर बनता है।
निरसा में स्वर्गीय सुशांत सेनगुप्ता की 25वीं शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रामकनाली स्थित शहादत स्थल पर पुष्प अर्पित कर उन्हें और उनके साथ जान गंवाने वाले संजय सेनगुप्ता व डीडी पाल को याद किया गया।
25 वर्ष बाद भी यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा और सवालों का विषय बना हुआ है। परिजनों और समर्थकों की ओर से मामले के अंतिम निष्कर्ष की अपेक्षा जताई गई। वहीं, अपर्णा सेनगुप्ता ने निरसा की राजनीति में हिंसा के विरोध की बात रखते हुए वर्ष 2029 में फिर से विधानसभा चुनाव लड़ने और जनता का समर्थन मिलने का दावा किया।
नोट: इस रिपोर्ट में 2029 के चुनाव को लेकर अपर्णा सेनगुप्ता का बयान उनके दावे के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टिंग में सुशांत सेनगुप्ता की 23वीं बरसी पर 2024 में भी रामकनाली में श्रद्धांजलि सभा आयोजित होने का उल्लेख मिलता है।