Dhanabd News : गांधी-शास्त्री जयंती पर धनबाद में श्रद्धांजलि, पदाधिकारियों ने किया नमन
Dhanabd News : सिटी सेंटर से गांधी सेवा सदन और खादी ग्रामोद्योग संघ तक हुए कार्यक्रम, गांधी जी की स्मृतियों के संरक्षण और म्यूजियम बनाने की पहल का आश्वासन
Dhanabd News : धनबाद में महात्मा गांधी की 157वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। वरीय पदाधिकारियों ने दोनों महापुरुषों की प्रतिमाओं और तस्वीरों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। गांधी सेवा सदन में संरक्षित गांधी जी की हस्तलिखित सामग्री और पुस्तकों को देखकर डीडीसी सन्नी राज ने इनके संरक्षण के साथ म्यूजियम बनाने की पहल का आश्वासन दिया।
Dhanabd News : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को धनबाद में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान जिले के वरीय पदाधिकारियों ने दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और योगदान को याद किया। देशभर में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और शास्त्री जयंती मनाई जाती है। वर्ष 2026 में महात्मा गांधी की 157वीं और लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती मनाई जा रही है।
धनबाद में आयोजित कार्यक्रमों की शुरुआत सिटी सेंटर से हुई। यहां उप विकास आयुक्त (DDC) सन्नी राज, अनुमंडल पदाधिकारी, नगर आयुक्त, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव समेत अन्य वरीय पदाधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने सिटी सेंटर स्थित महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की आदमकद प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया और पुष्प अर्पित कर दोनों महापुरुषों को नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और उपस्थित लोगों ने महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री के देश के प्रति योगदान को याद किया। दोनों नेताओं का जन्मदिन एक ही तारीख यानी 2 अक्टूबर को पड़ता है। गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था, जबकि लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को हुआ था।
सिटी सेंटर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद सभी पदाधिकारी गांधी सेवा सदन पहुंचे। यहां भी महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को पुष्पांजलि अर्पित की गई। गांधी सेवा सदन में गांधी जी से जुड़ी कई ऐतिहासिक स्मृतियों और सामग्रियों को संरक्षित रखा गया है।
पदाधिकारियों ने गांधी सेवा सदन में मौजूद गांधी जी की हस्तलिखित सामग्री, संदेशों और पुस्तकों को देखा। इन ऐतिहासिक सामग्रियों को देखकर अधिकारियों ने उनके संरक्षण के महत्व पर भी चर्चा की। खास तौर पर गांधी जी से जुड़ी मूल स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस दौरान डीडीसी सन्नी राज ने गांधी सेवा सदन में मौजूद ऐतिहासिक सामग्रियों के संरक्षण की बात कही। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की स्मृतियां केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।
गांधी सेवा सदन में मौजूद गांधी जी से जुड़ी सामग्रियों को व्यवस्थित तरीके से संरक्षित करने और लोगों तक पहुंचाने के लिए म्यूजियम बनाने की पहल का भी आश्वासन दिया गया। डीडीसी सन्नी राज ने कहा कि इन ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां गांधी जी के जीवन, विचार और संघर्ष से परिचित हो सकें।
म्यूजियम बनने की पहल यदि आगे बढ़ती है तो गांधी सेवा सदन को एक ऐसे स्थान के रूप में विकसित किया जा सकता है, जहां विद्यार्थी, शोधकर्ता और आम नागरिक महात्मा गांधी से जुड़ी सामग्री को करीब से देख और समझ सकें। फिलहाल अधिकारियों की ओर से इस दिशा में पहल करने की बात कही गई है।
गांधी सेवा सदन के बाद पदाधिकारी खादी ग्रामोद्योग संघ पहुंचे। यहां महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीरों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गांधी जी के विचारों में स्वदेशी और खादी का विशेष महत्व रहा है। ऐसे में गांधी जयंती के अवसर पर खादी ग्रामोद्योग संघ में आयोजित कार्यक्रम का अपना विशेष महत्व रहा।
गांधी जी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को जन आंदोलन से जोड़ा था। आज भी गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में खादी, स्वच्छता, सेवा और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान डीडीसी सन्नी राज ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का देश के लिए अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के सत्य और अहिंसा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि समाज को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए केवल योजनाएं और संसाधन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज में ईमानदारी, जिम्मेदारी और आपसी सहयोग की भावना भी जरूरी है। गांधी जी के विचार आज भी सामाजिक जीवन में प्रासंगिक हैं और उनके मूल्यों को व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है।
उन्होंने गांधी सेवा सदन में मौजूद ऐतिहासिक सामग्री के संरक्षण की दिशा में पहल करने की बात दोहराई। साथ ही म्यूजियम बनाने को लेकर भी प्रयास किए जाने का आश्वासन दिया।
वहीं, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने महात्मा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि गांधी जी ने देश को सत्य और अहिंसा की राह दिखाई। उनके विचारों ने स्वतंत्रता आंदोलन को एक अलग दिशा दी और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि गांधी जी के बताए रास्ते पर चलकर ही विकसित राष्ट्र की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। उनके अनुसार गांधी जी के विचार केवल किसी एक समय या वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हो सकते हैं।
कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। शास्त्री जी भारतीय राजनीति में सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते हैं। उनका ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करता है।
धनबाद में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों महापुरुषों के विचारों और योगदान को याद किया गया। वहीं गांधी सेवा सदन की ऐतिहासिक सामग्री के संरक्षण और संभावित म्यूजियम की पहल ने कार्यक्रम को एक अलग महत्व दिया। अब देखना होगा कि गांधी जी से जुड़ी इन स्मृतियों को संरक्षित करने और उन्हें आम लोगों के लिए व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन की पहल आगे किस रूप में बढ़ती है।