Jharkhand Bandh: गिरिडीह में पपरवाटांड टॉल टैक्स के पास सड़क जाम, आंदोलनकारियों ने उठाई 7 सूत्री मांगें
Jharkhand Bandh : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर प्रदर्शन, पेंशन, पुत्र-पुत्रियों की सीधी नियुक्ति और सम्मान राशि समेत लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग
Jharkhand Bandh : गिरिडीह के पपरवाटांड स्थित टॉल टैक्स के पास झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने झारखंड बंद के समर्थन में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने पेंशन, आश्रित पुत्र-पुत्रियों की सीधी नियुक्ति और सम्मान राशि समेत सात सूत्री मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
Jharkhand Bandh : झारखंड बंद के समर्थन में बुधवार को गिरिडीह में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। मोर्चा के आह्वान पर पपरवाटांड स्थित टॉल टैक्स के पास बड़ी संख्या में आंदोलनकारी जुटे और अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की आवाज उठाई।
आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से समय-समय पर सम्मान और अधिकार देने की बात कही जाती रही है, लेकिन कई मांगों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में आंदोलनकारियों ने झारखंड बंद के समर्थन में सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया।
पपरवाटांड में हुए प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने अपनी सात सूत्री मांगों को प्रमुखता से उठाया। इनमें आंदोलनकारियों को पेंशन देने की मांग सबसे प्रमुख रही। इसके अलावा आंदोलनकारियों के पुत्र-पुत्रियों की सीधी नियुक्ति की मांग भी की गई।
आंदोलनकारियों की एक अन्य प्रमुख मांग जेल की वैधता समाप्त कर सभी संबंधित आंदोलनकारियों को 50-50 हजार रुपये सम्मान राशि देने से जुड़ी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि झारखंड आंदोलन के दौरान संघर्ष करने वाले लोगों को उनके योगदान के अनुरूप सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए।

आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग की कि लंबित मामलों पर जल्द निर्णय लिया जाए और उनकी मांगों को केवल आश्वासन तक सीमित न रखा जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष नारायण राणा और देवंती भारती ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनके अनुसार, राज्य निर्माण के संघर्ष में आंदोलनकारियों ने अपनी भूमिका निभाई, लेकिन आज भी कई आंदोलनकारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
नारायण राणा और देवंती भारती ने कहा कि आंदोलनकारियों को सरकार से सम्मान और अधिकार मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें किसी व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके परिवारों के भविष्य से भी जुड़ी हुई हैं।
नेताओं ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द वार्ता कर समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की।
पपरवाटांड स्थित टॉल टैक्स के पास सड़क जाम किए जाने से इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ। प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों की संख्या बढ़ने के साथ मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस भी पहुंची।
मुफ्फसिल थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से सड़क जाम हटाने और आवागमन सामान्य करने की कोशिश में जुटी रही। पुलिस की ओर से आंदोलनकारियों से बातचीत कर सड़क खाली कराने का प्रयास किया गया।
प्रदर्शन स्थल पर आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा से जुड़े कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मौके पर जिला अध्यक्ष नारायण राणा, देवंती भारती, सुरेंद्र हेम्ब्रम, रघुनाथ सिंह, सुलेमान अंसारी, बिनोद पांडेय, अशोक हांसदा, पूरन तुरी, शिवाजी मुर्मू, असलम अंसारी, अर्जुन सिंह और पुलूस हांसदा समेत सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे।
आंदोलनकारियों ने एकजुट होकर सरकार से अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। उनका कहना है कि झारखंड आंदोलनकारियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करते हुए स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने साफ संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन का दायरा बढ़ाया जा सकता है। नेताओं ने कहा कि वे अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
फिलहाल पपरवाटांड में सड़क जाम और प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया गया। अब देखना होगा कि आंदोलनकारियों की सात सूत्री मांगों को लेकर सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है।