Dhanbad News : धनबाद नगर निगम कर्मचारी यूनियन की चेतावनी, 25 सूत्री मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा आंदोलन
Dhanbad News : धनबाद नगर निगम कर्मचारियों ने आंदोलन का किया ऐलान, मांगें पूरी नहीं होने पर मशाल जुलूस की चेतावनी
Dhanbad News : धनबाद नगर निगम कर्मचारी यूनियन ने 25 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। वेतन वृद्धि, ईएसआई, पीएफ, पेंशन, बोनस, स्थायीकरण और बकाया भुगतान की मांग पूरी नहीं होने पर मशाल जुलूस और निगम का प्रवेश द्वार जाम करने की तैयारी है।
Dhanbad News : धनबाद नगर निगम के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है। अखिल भारतीय मजदूर संघ के अंतर्गत धनबाद नगर निगम कर्मचारी यूनियन ने गोल्फ ग्राउंड में बैठक कर निगम प्रशासन से 25 सूत्री मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही नगर निगम के प्रवेश द्वार को जाम करने की भी चेतावनी दी गई है।
बैठक में नगर निगम के सफाई मित्रों, वाहन चालकों, पर्यवेक्षकों और अन्य कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। यूनियन का कहना है कि नगर निगम के कर्मचारी शहर की सफाई, कचरा प्रबंधन और अन्य जरूरी सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
यूनियन के अनुसार, 8 सितंबर 2026 को नगर निगम प्रशासन को कर्मचारियों की समस्याओं से संबंधित 25 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया था। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। हालांकि, यूनियन का दावा है कि अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
इसी मुद्दे को लेकर गोल्फ ग्राउंड में बैठक आयोजित की गई, जहां कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को उठाते हुए आगे की रणनीति पर चर्चा की। यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि कर्मचारियों की शिकायतों को केवल आश्वासन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
यूनियन के प्रदेश महासचिव सह जिला अध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए शहर की व्यवस्था बनाए रखने में योगदान देते हैं। ऐसे में उनके वेतन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार से जुड़ी मांगों पर ध्यान देना जरूरी है।
नगर निगम कर्मचारी यूनियन की प्रमुख मांगों में कर्मचारियों के वेतन में उचित वृद्धि करना और सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान शामिल है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों को उनके काम और जिम्मेदारियों के अनुरूप वेतन तथा अन्य वित्तीय लाभ मिलने चाहिए।
इसके अलावा एक महीने के बकाया बोनस का भुगतान करने की मांग भी उठाई गई है। कर्मचारियों के अनुसार, वेतन और बोनस से जुड़े भुगतान में देरी होने पर उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। ऐसे में लंबित राशि का भुगतान जल्द किया जाना चाहिए।
यूनियन ने कर्मचारियों को एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) का लाभ देने की भी मांग की है। इस लाभ का उद्देश्य निर्धारित सेवा शर्तों के तहत कर्मचारियों को वित्तीय उन्नति का अवसर उपलब्ध कराना है। यूनियन चाहती है कि पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार इसका लाभ मिले।
कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा भी यूनियन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। यूनियन ने कर्मचारियों को ईएसआई कार्ड उपलब्ध कराने और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। सफाई कार्य और अन्य मैदानी जिम्मेदारियों के दौरान कर्मचारियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बीमारी या कार्यस्थल पर चोट लगने की स्थिति में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है।
इसके साथ ही भविष्य निधि यानी पीएफ से जुड़ी सुविधाओं को सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से संबंधित लाभों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए और पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इन मांगों के जरिए यूनियन ने यह मुद्दा उठाया है कि नगर निगम की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कर्मचारियों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।
यूनियन की 25 सूत्री मांगों में अस्थायी और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का स्थायीकरण भी शामिल है। कर्मचारियों की मांग है कि लंबे समय से सेवा दे रहे पात्र कर्मियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उचित निर्णय लिया जाए।
इसके अलावा हटाए गए कर्मचारियों की पुनर्बहाली की मांग भी उठाई गई है। यूनियन चाहती है कि संबंधित कर्मचारियों के मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।
कर्मचारियों के अनुसार, रोजगार की अनिश्चितता के कारण उनके सामने आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियां पैदा होती हैं। इसलिए स्थायीकरण और पुनर्बहाली जैसे मुद्दों पर स्पष्ट नीति तथा समयबद्ध निर्णय की आवश्यकता है।
हालांकि, इन मांगों पर नगर निगम प्रशासन की ओर से क्या रुख अपनाया गया है, इस संबंध में फिलहाल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
नगर निगम कर्मचारी यूनियन ने जोखिम भत्ता देने की मांग भी की है। सफाई मित्रों और अन्य मैदानी कर्मचारियों को कई बार जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। यूनियन का मानना है कि काम की प्रकृति और जोखिम को ध्यान में रखते हुए उचित भत्ता दिया जाना चाहिए।
इसके अतिरिक्त सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन का लाभ देने की मांग उठाई गई है। यूनियन ने कार्य के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उचित मुआवजा देने और उनके आश्रितों को नियमानुसार नियोजन उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
यूनियन के मुताबिक, कर्मचारियों के परिवारों की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए इन विषयों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। सेवा के दौरान किसी अप्रिय घटना की स्थिति में प्रभावित परिवार को समय पर सहायता मिलना जरूरी है।
गोल्फ ग्राउंड में हुई बैठक के बाद यूनियन ने आंदोलन की चेतावनी को दोहराया। यूनियन का कहना है कि यदि निगम प्रशासन उनकी 25 सूत्री मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं करता है, तो आने वाले दिनों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा।
इसके साथ ही नगर निगम के प्रवेश द्वार को जाम कर विरोध प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी गई है। हालांकि, आंदोलन की निश्चित तारीख और कार्यक्रम का विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है।
यूनियन के प्रदेश महासचिव सह जिला अध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह ने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेने की अपील की है। यूनियन चाहती है कि प्रशासन कर्मचारियों के साथ बातचीत कर लंबित समस्याओं का समाधान निकाले, ताकि विवाद को आगे बढ़ने से रोका जा सके।