Dhanbad News : मनईटांड़ में ट्रकों की ओवरटेकिंग में पान विक्रेता की मौत, मुआवजे की मांग पर हंगामा
Dhanbad News : दो ट्रकों के बीच ओवरटेकिंग के दौरान साइकिल सवार आया चपेट में, आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर किया हंगामा
Dhanbad News : धनबाद के धनसार थाना क्षेत्र के मनईटांड़ में मंगलवार रात दो ट्रकों के बीच ओवरटेकिंग के दौरान हुए हादसे में साइकिल सवार पान विक्रेता सुरेश चौरसिया की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर मुआवजे और आश्रित को नौकरी देने की मांग की। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में लिया।
Dhanbad News : धनबाद के धनसार थाना क्षेत्र के मनईटांड़ में मंगलवार की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में साइकिल सवार पान विक्रेता की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब सड़क पर गुजर रहे दो ट्रक एक-दूसरे को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान साइकिल से घर लौट रहे सुरेश चौरसिया ट्रक की चपेट में आ गए। गंभीर हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान दुहाटांड़ निवासी सुरेश चौरसिया के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए। हादसे को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला।
मिली जानकारी के अनुसार, सुरेश चौरसिया मंगलवार रात साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान एफसीआई गोदाम की ओर से कई ट्रक मनईटांड़ होते हुए जोड़ाफाटक रोड की तरफ जा रहे थे।

बताया जा रहा है कि इसी क्रम में दो ट्रक एक-दूसरे को ओवरटेक करने लगे। सड़क पर दोनों भारी वाहनों की आवाजाही के बीच साइकिल सवार सुरेश उनकी चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि सुरेश की मौके पर ही मौत हो गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ट्रकों की तेज आवाजाही और ओवरटेकिंग के कारण सड़क पर छोटे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है। हालांकि, हादसे की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। हादसे में हुई मौत से लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने सड़क जाम कर दिया। लोग शव के साथ देर रात तक घटनास्थल पर मौजूद रहे।
सड़क जाम होने के कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। इस दौरान आक्रोशित लोगों की ओर से कुछ वाहनों में तोड़फोड़ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। बताया गया कि तीन से चार ट्रकों के शीशे भी तोड़े गए।
स्थिति को देखते हुए पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
घटना की सूचना मिलने के बाद धनसार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया और चालक को हिरासत में लिया।
पुलिस की मौजूदगी में लोगों को समझाने का प्रयास किया गया। हादसे के कारणों और घटना में ट्रक की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और दुर्घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही और ट्रकों के परिचालन को लेकर भी सवाल उठाए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मृतक के परिवार के लिए 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग रखी। इसके साथ ही परिवार के एक आश्रित को नौकरी देने की मांग भी की गई।
सामाजिक कार्यकर्ता भृगुनाथ भगत ने आरोप लगाया कि इस सड़क पर ट्रक चालकों की मनमानी के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है।
स्थानीय लोगों ने एफसीआई गोदाम की ओर से ट्रकों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग भी उठाई। लोगों का कहना था कि भारी वाहनों के परिचालन को लेकर उचित व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में भविष्य में भी इस तरह के हादसे हो सकते हैं।
हादसे के बाद लंबे समय तक सड़क पर तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना।
मुआवजा और नियोजन को लेकर आश्वासन मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क जाम हटा लिया। इसके बाद धीरे-धीरे मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका।
हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर मनईटांड़ और आसपास के इलाकों में भारी वाहनों के परिचालन तथा सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मनईटांड़ क्षेत्र में एफसीआई गोदाम की ओर से आने-जाने वाले ट्रकों की संख्या को लेकर स्थानीय लोग पहले भी चिंता जताते रहे हैं। भारी वाहनों और आम राहगीरों के बीच सुरक्षित दूरी तथा यातायात नियंत्रण की व्यवस्था सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन इस मार्ग पर ट्रकों की आवाजाही की समीक्षा करे और यह सुनिश्चित किया जाए कि भारी वाहन नियमों के अनुसार ही संचालित हों। खासकर व्यस्त और आबादी वाले इलाकों में ओवरटेकिंग तथा तेज गति से वाहन चलाने पर प्रभावी निगरानी की जरूरत बताई जा रही है।
फिलहाल हादसे में एक परिवार ने अपने सदस्य को खो दिया है। सुरेश चौरसिया की मौत के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगे की कार्रवाई और मृतक के परिवार को मिलने वाले मुआवजे तथा रोजगार संबंधी आश्वासन के क्रियान्वयन पर है।