Dhanbad News : फहीम खान के घर AK-47 फायरिंग मामले में बड़ा फैसला, 3 आरोपी दोषी करार
Dhanbad News : फहीम खान के घर AK-47 फायरिंग मामले में बड़ा फैसला, 3 आरोपी दोषी करार
Dhanbad News : 2004 में वासेपुर स्थित फहीम खान के घर हुई थी अंधाधुंध फायरिंग, बॉडीगार्ड विनोद शर्मा की हुई थी मौत; 3 अक्टूबर को सजा के बिंदु पर फैसला
Dhanbad News : धनबाद के चर्चित फहीम खान के घर AK-47 से फायरिंग मामले में करीब दो दशक बाद अदालत ने शाहिद आलम, शहादत हुसैन और कथित शूटर तनवीर आलम को दोषी करार दिया है। मामले में 3 अक्टूबर को सजा के बिंदु पर फैसला सुनाया जाएगा।
Dhanbad News : जिले के चर्चित वासेपुर फायरिंग मामले में करीब दो दशक बाद अदालत का महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। वर्ष 2004 में गैंगस्टर फहीम खान के घर पर हुई कथित AK-47 फायरिंग के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने शाहिद आलम, शहादत हुसैन और पटना निवासी कथित शूटर तनवीर आलम को दोषी माना है।
अदालत के इस फैसले के बाद अब मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 3 अक्टूबर तय की गई है। इसी दिन अदालत तीनों दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी। करीब 20 वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले ने एक बार फिर वर्ष 2004 की उस घटना को चर्चा में ला दिया है, जिसने धनबाद के वासेपुर इलाके को हिला दिया था।
मामला 29 जनवरी 2004 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, धनबाद के वासेपुर इलाके में स्थित फहीम खान के घर पर अचानक AK-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। फायरिंग इतनी अंधाधुंध थी कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।
बताया गया कि हमलावरों की गोलीबारी के दौरान फहीम खान ने अपनी जान बचाने के लिए पड़ोसी की छत से छलांग लगा दी थी। इस घटना में फहीम खान के सुरक्षा में तैनात बॉडीगार्ड विनोद शर्मा को गोली लगी और उनकी मौत हो गई।
विनोद शर्मा बिहार के अरवल के रहने वाले बताए गए थे। फायरिंग की इस घटना में एक अन्य व्यक्ति शाहिद आलम के पैर में भी गोली लगने की बात सामने आई थी।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कई लोगों से पूछताछ की गई। जांच और बाद की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मामले में कई तथ्य अदालत के सामने रखे गए। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ लंबे समय तक सुनवाई चलती रही।
फहीम खान के घर हुई इस फायरिंग का मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वर्षों तक धनबाद की चर्चित कानूनी घटनाओं में शामिल रहा। मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अलग-अलग दलीलें पेश की गईं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य अदालत के सामने प्रस्तुत किए गए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए गए और अपना पक्ष रखा गया।
लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अब अदालत ने शाहिद आलम, शहादत हुसैन और तनवीर आलम को दोषी करार दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अब अगला चरण सजा तय करने का है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद भी सजा की अवधि का फैसला अलग चरण में किया जाता है। इस मामले में अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 3 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।
वर्ष 2004 की इस घटना में सबसे गंभीर पहलू फहीम खान के बॉडीगार्ड विनोद शर्मा की मौत थी। बताया गया कि फायरिंग के दौरान विनोद शर्मा को गोली लगी और उनकी जान चली गई।
एक तरफ जहां घटना में फहीम खान के बच निकलने की बात सामने आई, वहीं उनके सुरक्षा गार्ड की मौत ने मामले को और गंभीर बना दिया था। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के सामने आरोपियों तक पहुंचने और पूरे मामले की जांच करने की चुनौती थी।
करीब दो दशक बाद अदालत के फैसले में तीन आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के बाद अब पीड़ित पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलों पर भी लोगों की नजरें हैं।
सोमवार को अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद अब इस मामले की अगली अहम तारीख 3 अक्टूबर है। उस दिन अदालत सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद आगे का फैसला करेगी।
अदालत का यह फैसला इस बात को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि करीब 20 वर्ष पुराने इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया अब सजा निर्धारण के चरण तक पहुंच गई है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता शहबाज सलाम और बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुबोध कुमार की ओर से मामले को लेकर अदालत में अपना-अपना पक्ष रखा गया।
अब सवाल यही है कि 3 अक्टूबर को अदालत दोषी करार दिए गए तीनों आरोपियों को किस अवधि की सजा सुनाती है। हालांकि, सजा की अंतिम अवधि का निर्णय अदालत की सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलों के बाद ही स्पष्ट होगा।