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Dhanbad News : धनबाद सदर अस्पताल में आयोजित रोगी कल्याण समिति की बैठक में मरीजों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई, दवा उपलब्धता, 108 एम्बुलेंस सेवा, सुरक्षा गार्डों की कमी और हर तीन महीने पर समीक्षा बैठक आयोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
Dhanbad News : सदर अस्पताल धनबाद में रोगी कल्याण समिति की बैठक, सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार पर जोर
Dhanbad News : धनबाद के सदर अस्पताल में बुधवार को रोगी कल्याण समिति (रोगी कल्याण समिति की गवर्निंग बॉडी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी, एम्बुलेंस सेवा तथा अस्पताल परिसर की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में धनबाद के मेयर संजीव सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार प्रसाद सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए मेयर संजीव सिंह ने बताया कि अब रोगी कल्याण समिति की बैठक हर तीन महीने पर नियमित रूप से आयोजित की जाएगी, ताकि अस्पताल में लिए गए फैसलों की समीक्षा समय-समय पर की जा सके और जिन योजनाओं पर निर्णय लिया गया है, उनके क्रियान्वयन की निगरानी भी हो सके।
मेयर संजीव सिंह ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2025 में रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित हुई थी। उस समय नगर निगम चुनाव नहीं होने के कारण समिति की निगरानी जिला परिषद अध्यक्ष द्वारा की जा रही थी। अब मेयर और जिला परिषद अध्यक्ष दोनों की उपस्थिति में बैठक आयोजित हुई, जिसमें पुराने निर्णयों की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि केवल निर्णय लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन पर अमल भी होना चाहिए। इसी उद्देश्य से अब प्रत्येक तीन महीने में बैठक होगी ताकि अस्पताल में चल रहे सुधार कार्यों का मूल्यांकन किया जा सके और जहां कमियां हों, उन्हें समय रहते दूर किया जा सके।
बैठक में अस्पताल के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। चाइल्ड केयर यूनिट, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, दवा वितरण केंद्र, मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाएं और अस्पताल परिसर की साफ-सफाई जैसे विषय प्रमुख रूप से चर्चा में रहे।
सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार के साथ-साथ सम्मानजनक वातावरण भी मिलना चाहिए। अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण भोजन, पेयजल और समय पर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने को लेकर कई सुझाव भी दिए गए।
बैठक में सदर अस्पताल में सुरक्षा गार्डों की कमी को गंभीर समस्या बताया गया। मेयर संजीव सिंह ने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से मरीजों, विशेषकर महिला मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था और यातायात नियंत्रण भी एक बड़ी चुनौती है। इस समस्या के समाधान के लिए उपायुक्त और ट्रैफिक डीएसपी से बातचीत कर अस्पताल परिसर में होमगार्ड की तैनाती की मांग की जाएगी ताकि मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक के दौरान अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर रहे 108 एम्बुलेंस कर्मियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले चार से पांच महीने से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा कई एम्बुलेंस तकनीकी खराबी के कारण संचालन योग्य नहीं हैं, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
मेयर संजीव सिंह ने एम्बुलेंस कर्मियों की मांगों को उचित बताते हुए राज्य सरकार से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस सेवा स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा मरीजों के लिए गंभीर समस्या बन सकती है।
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में 108 एम्बुलेंस सेवा एक एनजीओ के माध्यम से संचालित होती है, जिसका राज्य सरकार के साथ सीधा एमओयू है। इसलिए जिला स्तर पर इस मामले में हस्तक्षेप की सीमाएं हैं।
उन्होंने बताया कि धनबाद जिले के लिए कुल 37 एम्बुलेंस आवंटित की गई थीं, लेकिन इनमें से 27 एम्बुलेंस डेढ़ लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं और लगभग आठ वर्ष पुरानी हो चुकी हैं। वर्तमान में केवल 10 एम्बुलेंस ही संचालन की स्थिति में हैं। ऐसे में पूरे जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
डॉ. संजीव कुमार प्रसाद ने बताया कि एम्बुलेंस की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सीएसआर, रेडक्रॉस तथा ममता वाहन की सहायता से विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा रहा है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए नई एम्बुलेंस उपलब्ध कराना आवश्यक है।
प्रभारी सिविल सर्जन ने बताया कि वर्तमान में सदर अस्पताल 135 बेड की क्षमता वाला अस्पताल है। राज्य सरकार इसे पीपीपी मॉडल के तहत 420 बेड के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। इससे भविष्य में धनबाद और आसपास के जिलों के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि अस्पताल का विस्तार होने से विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, आधुनिक चिकित्सा उपकरण मिलेंगे और मरीजों को बड़े शहरों की ओर रेफर करने की आवश्यकता भी कम होगी।
जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने भी बैठक में अस्पताल की व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना समिति की प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित समीक्षा, जवाबदेही और बेहतर समन्वय आवश्यक है।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर डॉक्टर, आवश्यक दवाएं, स्वच्छ वातावरण, शुद्ध पेयजल, गुणवत्तापूर्ण भोजन तथा सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।