Dhanbad News : धनबाद में SIR के खिलाफ CITU का प्रदर्शन, वोट के अधिकार की रक्षा की उठाई मांग
Dhanbad News : धनबाद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में CITU जिला कमेटी ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने वोट के अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग उठाते हुए प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
Dhanbad News : धनबाद में SIR के खिलाफ CITU का प्रदर्शन, वोट के अधिकार की रक्षा की उठाई मांग
Dhanbad News : झारखंड के धनबाद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया के विरोध में CITU (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स) जिला कमेटी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा, मतदाता सूची में पारदर्शिता और प्रत्येक नागरिक के वोट के अधिकार की रक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और इससे किसी भी पात्र नागरिक को वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान CITU के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने वाली होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि होती है या पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होगी। इसलिए सरकार और चुनाव आयोग को इस प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
CITU जिला कमेटी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी कार्यकर्ता अपने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे और मताधिकार की रक्षा की मांग करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार पर निर्भर करती है। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से हट जाता है या उसे मतदान से वंचित किया जाता है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ होगा।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण आवश्यक प्रक्रिया है, लेकिन इसे इस प्रकार किया जाना चाहिए कि किसी भी पात्र मतदाता के अधिकारों का हनन न हो। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित किया जाए और किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में वोट का अधिकार नागरिकों का सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है। इस अधिकार की रक्षा करना सरकार, प्रशासन और चुनावी संस्थाओं की जिम्मेदारी है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी नागरिक के अधिकारों की अनदेखी होती है तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब प्रत्येक योग्य नागरिक को बिना किसी बाधा के मतदान करने का अवसर मिलेगा। इसी उद्देश्य से CITU जिला कमेटी ने विरोध प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
प्रदर्शन के दौरान CITU जिला कमेटी के सदस्यों ने मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान लोगों को पर्याप्त जानकारी दी जानी चाहिए ताकि वे समय पर अपने नाम की जांच और आवश्यक सुधार करवा सकें। साथ ही, उन्होंने मांग की कि किसी भी नागरिक का नाम हटाने से पहले पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप अपनाई जाए।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं बल्कि लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए मतदाता सूची से जुड़े प्रत्येक निर्णय में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है।
प्रदर्शन के दौरान CITU के जिला महामंत्री रामकृष्ण पासवान ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची का महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संगठन लगातार आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाता रहा है और भविष्य में भी लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
रामकृष्ण पासवान ने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटता है या उसे मतदान से वंचित किया जाता है तो यह गंभीर चिंता का विषय होगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूरा किया जाए ताकि किसी भी नागरिक के अधिकारों का हनन न हो।
CITU जिला कमेटी का यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को बैनर, पोस्टर और नारों के माध्यम से रखा। प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो और उसे बिना किसी बाधा के मतदान करने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है।