Dhanbad News : निरसा राजा कोलियरी में अवैध खनन का भंडाफोड़, विधायक अरूप चटर्जी ने खदान में उतरकर लिया जायजा
Dhanbad News : अवैध बिजली कनेक्शन, मोटर और ड्रिल मशीनों के इस्तेमाल का आरोप; CISF और ECL की संयुक्त कार्रवाई में उपकरण जब्त, कथित अवैध मुहानों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू
Dhanbad News : धनबाद के निरसा क्षेत्र स्थित राजा कोलियरी में कथित अवैध कोयला खनन का मामला सामने आया है। विधायक अरूप चटर्जी ने टीम के साथ खदान के अंदर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद CISF और ECL प्रबंधन की टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध बिजली कनेक्शन में इस्तेमाल तार-केबल और खनन में प्रयुक्त कई उपकरण जब्त किए। मामले की जांच जारी है।
Dhanbad News : धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र में अवैध कोयला खनन को लेकर शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई सामने आई। निरसा के राजा कोलियरी क्षेत्र में कथित तौर पर लंबे समय से अवैध तरीके से कोयला खनन किए जाने की सूचना के बाद विधायक अरूप चटर्जी खुद मौके पर पहुंचे और खदान के अंदर जाकर स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ उनकी टीम भी मौजूद रही।
बताया गया कि विधायक अरूप चटर्जी को पिछले कई दिनों से राजा कोलियरी में अवैध खनन संचालित होने की जानकारी मिल रही थी। सूचना के अनुसार, उनके आवास के समीप स्थित इस क्षेत्र में कथित रूप से अवैध बिजली कनेक्शन लेकर मोटर और ड्रिल मशीनों की मदद से खदान के अंदर कोयला काटने का काम किया जा रहा था। सूचना की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने मौके पर पहुंचकर स्वयं स्थिति देखने का निर्णय लिया।

मौके पर पहुंचने के बाद विधायक अरूप चटर्जी अपनी टीम के साथ कथित अवैध खनन वाले स्थानों तक पहुंचे। बताया गया कि उन्होंने खदान के भीतर बने कई कथित अवैध मुहानों में प्रवेश कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान खदान के अंदर कोयला निकालने और उसे बाहर लाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों तथा अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा गया।
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, खदान के अंदर मोटरसाइकिल के जरिए भी कोयला ढोए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, अवैध खनन के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की संख्या को लेकर फिलहाल जांच जारी है। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही मामले की विस्तृत तस्वीर सामने आ सकेगी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद CISF और ECL की राजा कोलियरी प्रबंधन टीम भी मौके पर पहुंची। इसके बाद कथित अवैध खनन के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान खदान क्षेत्र से कई ऐसे सामान बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध खनन में किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान अवैध बिजली कनेक्शन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे मोटे तार और केबल जब्त किए गए। इसके अलावा कोयला काटने और खनन कार्य में इस्तेमाल होने वाले गैता, मोटर, कटर और ड्रिल मशीन सहित अन्य उपकरण भी बरामद किए गए।
मौके पर मौजूद टीम ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान यह भी देखा गया कि कथित अवैध खनन के लिए खदान क्षेत्र में किस तरह की व्यवस्था तैयार की गई थी।
अवैध खनन के लिए बनाए गए कथित मुहानों को बंद करने और उन्हें भरने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई। अधिकारियों और संबंधित टीमों की मौजूदगी में ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया, जहां से खदान के अंदर प्रवेश किए जाने की बात सामने आई थी।
राजा कोलियरी क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन में कथित रूप से शामिल लोगों के बीच हड़कंप मचने की बात कही जा रही है। हालांकि, मामले में किसी व्यक्ति की भूमिका और जिम्मेदारी को लेकर जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि राजा कोलियरी क्षेत्र में कथित अवैध खनन का काम कितने समय से चल रहा था और इसके पीछे कितने लोग सक्रिय थे। इसके अलावा जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि खदान के अंदर तक बिजली की व्यवस्था किस तरह पहुंचाई गई और मोटर व ड्रिल मशीनों का इस्तेमाल किस स्तर पर किया जा रहा था।
ECL प्रबंधन और CISF की टीम मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान खदान के अंदर और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति, बरामद उपकरणों और कथित अवैध मुहानों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
धनबाद और आसपास के कोयलांचल क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन का मुद्दा समय-समय पर सामने आता रहा है। ऐसे मामलों में न केवल सरकारी और कंपनी के राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है, बल्कि खदानों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा भी गंभीर चिंता का विषय बनती है।
बिना निर्धारित सुरक्षा मानकों के खदान के अंदर प्रवेश करना और कोयला निकालना दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। ऐसे में राजा कोलियरी में सामने आए मामले की जांच और कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।
फिलहाल ECL प्रबंधन और CISF की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अवैध खनन कब से संचालित था, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और खदान के अंदर से कितनी मात्रा में कोयला निकाले जाने की आशंका है।