Dhanbad News : चिरकुंडा नगर परिषद में भ्रष्टाचार के खिलाफ भाकपा माले का प्रदर्शन, 11 सूत्री मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
Dhanbad News : चिरकुंडा नगर परिषद में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने निकाला जुलूस, सफाईकर्मियों के वेतन समेत 11 मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग
Dhanbad News : चिरकुंडा नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की धीमी गति के विरोध में भाकपा माले ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने 11 सूत्री मांगों को लेकर नगर परिषद प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
Dhanbad News : चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर भाकपा माले ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चिरकुंडा शहीद चौक से जुलूस की शक्ल में नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भाकपा माले का यह प्रदर्शन मुख्य रूप से नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों की स्थिति, सफाई व्यवस्था, सफाईकर्मियों के वेतन भुगतान और आम लोगों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को 11 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

भाकपा माले के नेताओं का आरोप है कि चिरकुंडा नगर परिषद बोर्ड के गठन को लगभग सात महीने का समय बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद के 21 वार्डों में विकास कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र की जनता को मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
माले नेताओं के मुताबिक, शहर के कई इलाकों में स्थानीय स्तर की समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। सड़क, नाली, साफ-सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों को लेकर लोगों की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में नगर परिषद प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह वार्ड स्तर पर विकास योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू करे और जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद प्रशासन से विकास योजनाओं में तेजी लाने और वार्डों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान करने की मांग की।
भाकपा माले ने सफाईकर्मियों के वेतन भुगतान में कथित देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि सफाई व्यवस्था शहर की सबसे जरूरी सेवाओं में शामिल है और इसे सुचारु रूप से संचालित करने वाले कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना चाहिए।
माले ने आरोप लगाया कि सफाईकर्मियों को समय पर भुगतान नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो रही हैं। पार्टी ने नगर परिषद प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए सफाईकर्मियों को नियमित और समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
पार्टी का कहना है कि नगर परिषद की व्यवस्था में काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। सफाईकर्मियों के हितों की अनदेखी का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
प्रदर्शन के दौरान भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में हो रही देरी को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
पार्टी नेताओं ने कहा कि नगर परिषद का गठन स्थानीय स्तर पर लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। ऐसे में यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी होती है या जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है तो जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सवाल पूछना जरूरी है।
माले नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि नगर परिषद क्षेत्र के आम लोगों की समस्याओं और अधिकारों को लेकर है। पार्टी ने प्रशासन से पारदर्शिता के साथ काम करने और विकास योजनाओं की स्थिति को जनता के सामने स्पष्ट करने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद भाकपा माले के प्रतिनिधिमंडल ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को 11 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने प्रशासन से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
माले का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र के 21 वार्डों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, सफाईकर्मियों को समय पर वेतन देने और आम जनता से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने नगर परिषद प्रशासन से यह भी मांग की कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और जनता के पैसों से होने वाले कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा माले के चिरकुंडा सचिव अमरेश चक्रवर्ती ने किया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद बोर्ड के गठन के बाद लोगों को उम्मीद थी कि शहर में विकास कार्यों को गति मिलेगी और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा। लेकिन पार्टी के अनुसार, कई मामलों में अपेक्षित बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है।
अमरेश चक्रवर्ती ने कहा कि नगर परिषद प्रशासन को जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि 21 वार्डों में रहने वाले लोगों को बेहतर सड़क, नाली, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नगर परिषद प्रशासन 11 सूत्री मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं करता है, तो भाकपा माले आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी।