Blinkit Delivery Partners Protest in Dhanbad: बेहतर भुगतान और पारदर्शी नीति की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे डिलीवरी कर्मी
Blinkit Delivery Partners Protest in Dhanbad : रणधीर वर्मा चौक पर डिलीवरी पार्टनर्स का प्रदर्शन, इंसेंटिव कटौती, कम भुगतान और आईडी ब्लॉकिंग के खिलाफ उठाई आवाज
Blinkit Delivery Partners Protest in Dhanbad : धनबाद में ब्लिंकिट डिलीवरी पार्टनर्स ने बेहतर भुगतान, पारदर्शी इंसेंटिव नीति और आईडी ब्लॉक करने की प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। डिलीवरी कर्मियों ने कंपनी की नीतियों पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
धनबाद में ब्लिंकिट डिलीवरी पार्टनर्स का प्रदर्शन, कई मांगों को लेकर विरोध तेज
ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी सेवा से जुड़े ब्लिंकिट डिलीवरी पार्टनर्स ने बुधवार को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे डिलीवरी कर्मियों ने कंपनी की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बेहतर भुगतान, इंसेंटिव में सुधार और कार्यस्थल पर अधिक पारदर्शिता की मांग उठाई। प्रदर्शन में शामिल कर्मियों ने कहा कि बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों के बीच वर्तमान भुगतान व्यवस्था उनके लिए आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे डिलीवरी पार्टनर्स का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों में इंसेंटिव स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे उनकी आय प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि पहले 400 रुपये की कमाई पर लगभग 120 रुपये तक इंसेंटिव आसानी से मिल जाता था, लेकिन अब उसी इंसेंटिव को पाने के लिए सुबह 6 बजे से देर रात तक लगातार काम करना पड़ रहा है। कर्मियों का कहना है कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही है।
इंसेंटिव कटौती और बढ़ते खर्च से बढ़ी परेशानी
डिलीवरी पार्टनर्स ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, वाहन रखरखाव और अन्य परिचालन खर्चों का सीधा असर उनकी आय पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि हर डिलीवरी के लिए मिलने वाला भुगतान खर्चों की तुलना में काफी कम है। कई कर्मियों ने कहा कि दिनभर मेहनत करने के बाद भी बचत करना मुश्किल हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि डिलीवरी कार्य पूरी तरह समय और प्रदर्शन आधारित हो गया है, लेकिन इसके अनुरूप भुगतान व्यवस्था विकसित नहीं की गई। ऐसे में कई पार्टनर्स आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग कर रहे हैं।
आईडी ब्लॉक करने की प्रक्रिया पर उठे सवाल
डिलीवरी कर्मियों ने कंपनी की आईडी ब्लॉकिंग प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण या पूर्व सूचना के उनकी आईडी बंद कर दी जाती है, जिससे वे अचानक काम से बाहर हो जाते हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में संबंधित कर्मी को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।
उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है और इससे हजारों डिलीवरी पार्टनर्स की आजीविका प्रभावित होती है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आईडी ब्लॉकिंग के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं और किसी भी कार्रवाई से पहले उचित सुनवाई की व्यवस्था हो।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
डिलीवरी पार्टनर्स ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि कंपनी को न्यूनतम भुगतान की व्यवस्था लागू करनी चाहिए। इसके अलावा बढ़ती ईंधन कीमतों को देखते हुए अतिरिक्त भत्ता देने और इंसेंटिव सिस्टम को अधिक पारदर्शी एवं न्यायसंगत बनाने की भी मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि कंपनी और प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते हैं तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कांग्रेस युवा नेताओं का मिला समर्थन
इस प्रदर्शन को कांग्रेस के युवा नेताओं का भी समर्थन मिला। नेताओं ने कहा कि डिलीवरी कर्मी दिन-रात मेहनत कर लोगों तक आवश्यक सेवाएं पहुंचाते हैं, लेकिन उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप सुविधाएं और भुगतान नहीं मिल रहा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगों को जायज बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद डिलीवरी कर्मियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की बात कही और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान निकलेगा। फिलहाल यह प्रदर्शन गिग वर्कर्स और डिलीवरी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की बढ़ती चुनौतियों को सामने लाने वाला एक बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है।