Dhanbad News : एसएनएमएमसीएच में ऑक्सीजन नहीं मिलने से मरीज की मौत का आरोप
Dhanbad News : धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
Dhanbad News : धनबाद के एसएनएमएमसीएच में भर्ती मरीज जयदेव कुमार की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से मरीज की जान चली गई। भाजपा नेत्री तारा देवी ने मामले की जांच की मांग की है।
धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) में एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण मरीज की मौत हुई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और आक्रोश का माहौल बना रहा। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान जयदेव कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जयदेव कुमार ने दो दिन पहले किसी कारणवश जहरीला पदार्थ खा लिया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए धनबाद के एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें रखा गया था। परिजनों का कहना है कि शुरुआत में उनकी हालत स्थिर थी, लेकिन गुरुवार सुबह अचानक उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई।
परिजनों के मुताबिक मरीज को सांस लेने में परेशानी होने लगी, जिसके बाद तत्काल ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। आरोप है कि अस्पताल में समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर या ऑक्सीजन सपोर्ट उपलब्ध नहीं कराया गया। इसी दौरान मरीज की हालत और गंभीर होती चली गई और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर ऑक्सीजन मिल जाती तो शायद जयदेव कुमार की जान बचाई जा सकती थी।
घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजन लगातार अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े अस्पताल में अगर समय पर ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं हो सके, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर विफलता है। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
मामले की सूचना मिलने के बाद भाजपा नेत्री तारा देवी भी अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। तारा देवी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों में मरीजों को पर्याप्त इलाज और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
तारा देवी ने कहा कि अगर किसी मरीज की मौत ऑक्सीजन नहीं मिलने से हुई है, तो यह बेहद दुखद और चिंताजनक मामला है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में संसाधनों की कमी और लापरवाही के कारण आम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। ऐसे मामलों में सरकार और स्वास्थ्य विभाग को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आ सका है। अस्पताल अधीक्षक डीके गंदोरिया से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल पाया। अस्पताल प्रशासन की चुप्पी के कारण लोगों के बीच कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर मरीज को समय पर ऑक्सीजन क्यों नहीं मिल सकी और अस्पताल में आपातकालीन व्यवस्था कितनी मजबूत है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में अक्सर संसाधनों की कमी और कर्मचारियों की लापरवाही की शिकायतें सामने आती रहती हैं। हालांकि सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दावे करती है, लेकिन ऐसी घटनाएं उन दावों की पोल खोल देती हैं। लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े अस्पतालों में अगर मरीजों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो गरीब और जरूरतमंद लोग आखिर कहां जाएंगे।
यह घटना सिर्फ एक मरीज की मौत का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की कई कमियों को उजागर करती है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या मृतक के परिजनों को न्याय मिल पाता है या नहीं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह अस्पताल प्रशासन के लिए गंभीर सवाल खड़े करेगा।