Dhanbad News : चेक बाउंस मामले में कोर्ट सख्त: देवर को ब्याज सहित रकम लौटाने का आदेश
Dhanbad News : धनबाद कोर्ट का बड़ा फैसला, पीड़िता पूनम कुमारी को मिली राहत
Dhanbad News : पति की मौत के बाद बेटी की शादी के लिए मांग रही थीं अपना हक, अदालत ने आरोपी को एक महीने में भुगतान करने का दिया निर्देश
धनबाद न्यायालय ने चेक बाउंस के एक महत्वपूर्ण मामले में शुक्रवार को पीड़िता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आरोपी को चेक की राशि ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आर्थिक लेनदेन में धोखाधड़ी और भुगतान से बचने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून सख्त कार्रवाई करेगा। यह मामला झरिया निवासी पूनम कुमारी और उनके देवर राजेश कुमार के बीच पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार, परिवार में पैतृक संपत्ति के बंटवारे और हिस्सेदारी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामले को सुलझाने के लिए पंचायत की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें आपसी सहमति से पूनम कुमारी को 2 लाख 75 हजार रुपये भुगतान करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन आरोप है कि पंचायत के फैसले के बावजूद पूरी राशि का भुगतान नहीं किया गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी राजेश कुमार ने अपनी भाभी पूनम कुमारी को 55-55 हजार रुपये के चार चेक दिए थे। इनमें से एक चेक का भुगतान सफलतापूर्वक हो गया, लेकिन बाकी तीन चेक बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए। बैंक द्वारा चेक अस्वीकृत किए जाने के बाद पूनम कुमारी को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
पीड़िता ने कई बार आरोपी से बकाया राशि देने की मांग की, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला तो उन्होंने धनबाद न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। पूनम कुमारी ने कोर्ट में सीपी केस दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों को गंभीरता से सुना।
सुनवाई पूरी होने के बाद धनबाद न्यायालय ने आरोपी राजेश कुमार को निर्देश दिया कि वह चेक की बकाया राशि ब्याज सहित एक महीने के भीतर लौटाएं। अदालत के इस फैसले को आर्थिक मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। कानूनी जानकारों का कहना है कि चेक बाउंस के मामलों में अदालतें लगातार सख्त रुख अपना रही हैं ताकि लोगों का बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन पर भरोसा बना रहे।
फैसले के बाद पीड़िता पूनम कुमारी ने राहत की सांस ली। उन्होंने कहा कि पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी पूरी तरह उनके कंधों पर आ गई थी। बेटी की शादी और घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए वह लगातार अपने देवर से पैसे की मांग कर रही थीं, लेकिन उन्हें हर बार टाल दिया जाता था। उन्होंने बताया कि आर्थिक संकट के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
पूनम कुमारी ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर राशि मिल जाती तो उन्हें इतने लंबे समय तक संघर्ष नहीं करना पड़ता। अदालत के फैसले से यह संदेश भी गया है कि परिवारिक विवादों में भी आर्थिक समझौते और भुगतान की जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।
विशेषज्ञों का मानना है कि चेक बाउंस के मामलों में बढ़ती शिकायतें समाज में आर्थिक अनुशासन की कमी को दर्शाती हैं। ऐसे मामलों में अदालत का सख्त रवैया लोगों को समय पर भुगतान और कानूनी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेगा। धनबाद कोर्ट का यह फैसला उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो अपने अधिकार और बकाया राशि के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
धनबाद कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी देवर को भाभी पूनम कुमारी की बकाया राशि ब्याज सहित एक महीने में लौटाने का आदेश दिया। जानिए पूरा मामला।