Dhanbad News : धनबाद में ATM कार्ड फंसाकर ठगी करने वाले बिहार के दो युवक गिरफ्तार, गलत हेल्पलाइन नंबर देकर करते थे धोखाधड़ी
Dhanbad News : बैंक ऑफ इंडिया के ATM में कार्ड फंसने के बाद शुरू हुआ ठगी का खेल, खाते से ₹15 हजार निकाले और ज्वेलरी व चप्पल की दुकानों से की खरीदारी; पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ा।
Dhanbad News : धनबाद में ATM कार्ड फंसाकर लोगों से ठगी करने के आरोप में बिहार के नवादा निवासी दो युवक गिरफ्तार। आरोपियों पर गलत हेल्पलाइन नंबर देकर ATM कार्ड हासिल करने और खाते से पैसे निकालने का आरोप है। पुलिस ने चप्पल बरामद की और दूसरे शहरों में भी ठगी की जांच शुरू की।
Dhanbad News : झारखंड के धनबाद शहर में ATM मशीन में कार्ड फंसने का फायदा उठाकर लोगों से ठगी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने बिहार के नवादा जिले के रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान लखमोहना निवासी नितीश कुमार और नवादा के न्यू एरिया निवासी सौरभ कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक ATM कार्ड फंसने की स्थिति का फायदा उठाकर कार्डधारकों को अपने जाल में फंसाते थे। वे लोगों को गलत हेल्पलाइन नंबर देकर उनका ATM कार्ड हासिल करते और फिर खाते से पैसे निकालने के साथ-साथ दुकानों में खरीदारी भी करते थे।
इस मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब 27 अक्टूबर की शाम धनबाद के सीटी सेंटर के पास ATM से ठगी करने के आरोप में दोनों युवकों को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। घटना की सूचना मिलने पर धनबाद थाना की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले गई। शिकायतकर्ता की ओर से दी गई जानकारी और आरोपियों के पास से बरामद सामान के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वह बैंक ऑफ इंडिया के ATM से पैसे निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान उनका ATM कार्ड मशीन में फंस गया। कार्ड बाहर नहीं निकलने पर वह परेशान हो गए। इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए पीछे खड़े एक युवक ने उनकी मदद करने के बहाने उन्हें PIN डालने के लिए कहा। आरोप है कि इस दौरान युवक ने उनका गोपनीय ATM PIN देख लिया।
इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को एक हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने की सलाह दी। शिकायतकर्ता को लगा कि यह नंबर ATM से संबंधित समस्या के समाधान के लिए होगा। लेकिन आरोप है कि इसी बहाने उन्हें गुमराह किया गया। आरोपी ने शिकायतकर्ता को पेट्रोल पंप के पास जाने के लिए कहा और इसी बीच ATM कार्ड लेकर वहां से फरार हो गया।
इस तरह मदद करने का दिखावा करके आरोपी ने शिकायतकर्ता का विश्वास जीतने की कोशिश की। ATM कार्ड और PIN की जानकारी हासिल करने के बाद ठगी को अंजाम दिया गया। यह घटना बताती है कि ATM मशीन में कार्ड फंसने जैसी सामान्य समस्या के दौरान भी अनजान लोगों पर भरोसा करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
ATM कार्ड लेकर आरोपी के फरार होने के कुछ समय बाद शिकायतकर्ता के मोबाइल पर बैंक खाते से 15 हजार रुपये कटने का संदेश आया। अचानक खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने पर उन्हें ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया।
शिकायतकर्ता को इसके बाद सीटी सेंटर स्थित रानी सती ज्वेलर्स से 32,800 रुपये की खरीदारी और बाटा इंडिया की दुकान से 2,000 रुपये की खरीदारी के संदेश भी मिले। इन संदेशों से पता चला कि उनके खाते से ATM कार्ड के जरिए नकदी निकालने के अलावा दुकानों में भुगतान भी किया गया था।
इस तरह शिकायतकर्ता को अलग-अलग लेनदेन की जानकारी मिली। खाते से पैसे निकलने और खरीदारी के संदेश आने के बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और अपने परिचितों के साथ संबंधित दुकानों पर पहुंच गए।
शिकायतकर्ता और उनके परिचितों ने लेनदेन से संबंधित जानकारी के आधार पर दुकानों तक पहुंचने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों संदिग्ध युवकों को पकड़ लिया गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें रोककर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद धनबाद थाना की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को अपने साथ थाने ले गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से बाटा कंपनी की तीन जोड़ी चप्पल बरामद की गई हैं। शिकायतकर्ता के खाते से ज्वेलरी की दुकान और चप्पल की दुकान पर किए गए लेनदेन की जानकारी भी इस मामले की जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित ठगी के दौरान कितनी रकम निकाली गई और अलग-अलग दुकानों में किए गए भुगतान का पूरा घटनाक्रम क्या था।
इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ATM कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने के बाद उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है। इसलिए किसी भी संदिग्ध लेनदेन का संदेश मिलने पर तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना देना जरूरी है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बिहार और झारखंड के विभिन्न शहरों में इसी तरह ठगी करने की बात बताई है। हालांकि, इन दावों से जुड़े अन्य मामलों की पुष्टि और विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों आरोपी कितने समय से इस तरीके का इस्तेमाल कर रहे थे और क्या इनके साथ अन्य लोग भी शामिल हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से नितीश कुमार के खिलाफ देवघर साइबर क्राइम थाना में वर्ष 2023 का एक मामला दर्ज है। इस पुराने मामले का विवरण और मौजूदा घटना से उसका कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर की जानी होगी।
मौजूदा मामले में पुलिस की जांच का दायरा केवल धनबाद तक सीमित नहीं है। पूछताछ में सामने आए कथित अन्य मामलों की जानकारी का सत्यापन भी महत्वपूर्ण होगा, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि इस तरह की घटनाओं में आरोपियों की भूमिका कितनी व्यापक रही है।
इस मामले में सिटी SP ऋत्विक श्रीवास्तव की ओर से जानकारी दी गई है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता के बयान, लेनदेन के संदेश, बरामद सामान और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि शिकायतकर्ता के खाते से हुई निकासी और दुकानों में किए गए भुगतान का आपस में क्या संबंध है।
ATM से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों में समय पर शिकायत करना, बैंक लेनदेन की जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देना जांच में मददगार हो सकता है।
धनबाद की इस घटना के बाद ATM का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए सतर्क रहना जरूरी है। यदि ATM मशीन में कार्ड फंस जाए, तो किसी अनजान व्यक्ति को अपना PIN न बताएं और न ही उसके सामने PIN डालते समय लापरवाही बरतें। मशीन पर लिखे आधिकारिक बैंक हेल्पलाइन नंबर या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से ही संपर्क विवरण प्राप्त करें।