Dhanbad News : पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन पर तोपचांची जांच घर सील, मशीनों पर भी प्रशासन का ताला
Dhanbad News : मार्च 2026 में जारी किया गया था नोटिस, संचालक की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद उपायुक्त के आदेश पर हुई कार्रवाई; जांच के दौरान अनुचित पार्टीशन, गंदगी और शौचालय की खराब स्थिति समेत कई खामियां मिलीं।
Dhanbad News : धनबाद के तोपचांची बाजार स्थित तोपचांची जांच घर को पीसीपीएनडीटी एक्ट के मानकों का पालन नहीं करने पर जिला प्रशासन ने सील कर दिया। जांच घर में मौजूद मशीनों को भी सील किया गया। डॉ. स्वतंत्र कुमार को कारण बताओ नोटिस देने की बात कही गई है।
Dhanbad News : झारखंड के धनबाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तोपचांची बाजार स्थित तोपचांची जांच घर को पीसीपीएनडीटी एक्ट के मानकों का पालन नहीं करने के मामले में गुरुवार को सील कर दिया गया। प्रशासनिक टीम ने जांच घर के अंदर मौजूद मशीनों को भी सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके के स्वास्थ्य संस्थानों में नियमों के अनुपालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
प्रशासन की ओर से की गई जांच में जांच घर के अंदर कई तरह की कमियां सामने आने की बात कही गई है। इनमें कमरों में अनुचित पार्टीशन, परिसर में गंदगी और शौचालय की खराब स्थिति जैसी समस्याएं शामिल हैं। इन खामियों को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त के आदेश पर जांच घर को सील करने की कार्रवाई की गई। हालांकि, मामले में संबंधित पक्ष का जवाब और उसका आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही सभी तथ्यों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तोपचांची जांच घर के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई अचानक नहीं हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच घर को मार्च 2026 में ही नोटिस दिया गया था। इसके बाद मामले की आगे समीक्षा की गई और जांच घर के संचालक रतीलाल साव से संबंधित रिपोर्ट पर विचार किया गया।
बताया गया है कि 16 अक्टूबर को संचालक रतीलाल साव की रिपोर्ट की समीक्षा की गई थी। समीक्षा के बाद उपायुक्त ने जांच घर को सील करने का आदेश दिया। इसके बाद गुरुवार को प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर आदेश के अनुरूप कार्रवाई की।
इस घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि प्रशासन ने पहले नोटिस जारी किया, फिर संबंधित रिपोर्ट की समीक्षा की और उसके बाद सीलिंग की कार्रवाई की। हालांकि, मार्च में दिए गए नोटिस में किन-किन बिंदुओं का उल्लेख था और संबंधित पक्ष ने उस पर क्या जवाब दिया था, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
जिला दंडाधिकारी नारायणा की टीम ने जांच के दौरान तोपचांची जांच घर के परिसर और कमरों की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान कई कमियां सामने आईं। प्रशासन के अनुसार, जांच घर में कमरों के भीतर अनुचित पार्टीशन किया गया था। इसके अलावा परिसर में गंदगी और शौचालय की खराब स्थिति भी पाई गई।
स्वास्थ्य जांच केंद्रों में स्वच्छता, उचित व्यवस्था और निर्धारित मानकों का पालन मरीजों की सुरक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति और नियामकीय नियमों का अनुपालन संबंधित अधिकारियों की निगरानी का हिस्सा होता है।
हालांकि, अनुचित पार्टीशन और स्वच्छता से संबंधित कमियों के अलावा पीसीपीएनडीटी एक्ट के किन विशिष्ट प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। इसलिए इस मामले में कानूनी उल्लंघन की प्रकृति को लेकर प्रशासनिक रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट का महत्व रहेगा।
उपायुक्त के आदेश के बाद प्रशासनिक टीम ने केवल जांच घर के परिसर को ही सील नहीं किया, बल्कि वहां मौजूद मशीनों को भी सील कर दिया। इस कदम का उद्देश्य संबंधित केंद्र में जांच गतिविधियों को प्रशासनिक आदेश के अनुरूप रोकना है।
मशीनों को सील किए जाने के बाद जांच घर का नियमित संचालन प्रभावित होना स्वाभाविक है। हालांकि, केंद्र में किस प्रकार की मशीनें मौजूद थीं, उनकी संख्या कितनी थी और उन्हें किन विशिष्ट तकनीकी या नियामकीय कारणों से सील किया गया, इसकी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
पीसीपीएनडीटी एक्ट यानी Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques (Prohibition of Sex Selection) Act, 1994 का उद्देश्य गर्भधारण से पहले या बाद में लिंग चयन पर रोक लगाना तथा प्रसवपूर्व निदान तकनीकों के दुरुपयोग को रोकना है। इस कानून के तहत निर्धारित संस्थानों और संबंधित प्रक्रियाओं के लिए नियमों का पालन करना आवश्यक होता है।
यह कानून कन्या भ्रूण के लिंग निर्धारण और लिंग चयन जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, तोपचांची जांच घर के मामले में लिंग निर्धारण या लिंग चयन से जुड़े किसी विशिष्ट आरोप की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। फिलहाल सामने आई कार्रवाई का आधार प्रशासन द्वारा बताई गई कमियां और नियमों के अनुपालन से संबंधित मामला है।
इस मामले में जांच घर में प्रैक्टिस कर रहे डॉ. स्वतंत्र कुमार को भी कारण बताओ नोटिस देने की बात कही गई है। कारण बताओ नोटिस के माध्यम से संबंधित व्यक्ति से मामले पर स्पष्टीकरण मांगा जाता है, ताकि उसके पक्ष को भी सुना जा सके।
हालांकि, नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया और उसमें उठाए जाने वाले विशिष्ट बिंदुओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि डॉ. स्वतंत्र कुमार की ओर से इस मामले में कोई जवाब दिया गया है या नहीं।
प्रशासनिक कार्रवाई के ऐसे मामलों में संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना महत्वपूर्ण होता है। नोटिस के जवाब, जांच रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जा सकती है। इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संबंधित तथ्यों और आधिकारिक दस्तावेजों का सामने आना जरूरी है।
तोपचांची बाजार स्थित जांच घर को सील करने की कार्रवाई के दौरान डॉ. विकास राणा, पूजा रत्नाकर, डॉ. तबरेज समेत अन्य लोग मौजूद थे। प्रशासनिक टीम ने उपायुक्त के आदेश के तहत जांच घर और वहां मौजूद मशीनों को सील किया।
इस कार्रवाई को जिले में स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी और निर्धारित नियमों के अनुपालन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस मामले में आगे की जांच, संबंधित पक्ष के जवाब और प्रशासन की अगली कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।