Dhanbad News : ईस्ट बसुरिया में दर्दनाक हादसा: 30 फीट ऊंची दीवार गिरने से बोरवेल मजदूर की मौत
Dhanbad News : जल निकासी के लिए चल रहे बोरिंग कार्य के दौरान हुआ हादसा, मलबे में दबने से गई मजदूर की जान
Dhanbad News : धनबाद के ईस्ट बसुरिया ओपी क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में बोरवेल गाड़ी में काम करने वाले मजदूर लक्ष्मण हांसदा की मौत हो गई। जल निकासी के लिए चल रहे बोरिंग कार्य के दौरान अचानक 30 फीट ऊंची दीवार गिर गई, जिसमें दबकर मजदूर की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
धनबाद जिले के ईस्ट बसुरिया ओपी क्षेत्र से गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई, जहां एक बोरवेल गाड़ी में काम करने वाले मजदूर की दीवार गिरने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए बोरिंग का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान यह हादसा हुआ।
बताया जा रहा है कि बोरवेल गाड़ी में काम करने वाला मजदूर लक्ष्मण हांसदा काम के दौरान कुछ दूरी पर शौच के लिए गया था। उसी समय वहां मौजूद करीब 30 फीट ऊंची पुरानी दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार गिरते ही आसपास तेज आवाज हुई और मजदूर मलबे में दब गया। घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
दीवार गिरने की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद मजदूर और स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे मजदूर को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मजदूर की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और इलाके में शोक का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही ईस्ट बसुरिया ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए धनबाद के एसएनएमएमसीएच अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि दीवार इतनी जर्जर स्थिति में क्यों थी।
मृतक की पहचान 38 वर्षीय लक्ष्मण हांसदा के रूप में हुई है। वह पूर्वी सिंहभूम जिले के जोबा गांव का रहने वाला था और पिछले कई वर्षों से मजदूरी का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। साथी मजदूरों ने बताया कि लक्ष्मण बेहद मेहनती और शांत स्वभाव का व्यक्ति था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण और बोरिंग कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। लोगों का कहना है कि अक्सर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जाती है, जिसका खामियाजा मजदूरों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ता है।
इस घटना ने एक बार फिर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माण कार्य और बोरिंग जैसे जोखिम भरे कामों में लगे मजदूर अक्सर बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के काम करते हैं। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी बनती है कि मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे में किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं हुई। वहीं गांव और आसपास के क्षेत्र में इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई है।