Giridih College Protest : गिरिडीह कॉलेज में झारखंड छात्र मोर्चा का धरना शुरू, छह सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन
Giridih College Protest : छह सूत्री मांगों को लेकर झारखंड छात्र मोर्चा का धरना, शैक्षणिक व्यवस्था और CCTV को लेकर उठाए सवाल
Giridih College Protest : छात्र मोर्चा ने कॉलेज परिसर में राजनीतिक गतिविधियों पर रोक, समय पर शैक्षणिक सत्र पूरा कराने और प्रशासनिक फैसलों की जांच की मांग उठाई
Giridih College Protest : गिरिडीह कॉलेज में छात्र हितों और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर झारखंड छात्र मोर्चा ने गुरुवार, 24 सितंबर से धरना-प्रदर्शन शुरू किया। संगठन का कहना है कि कॉलेज परिसर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना होना चाहिए। इसी को लेकर मोर्चा ने कॉलेज प्रशासन के समक्ष छह सूत्री मांगें रखी हैं।
छात्र संगठन के अनुसार, कॉलेज में चल रहे शैक्षणिक सत्र को समय पर पूरा कराया जाना जरूरी है। संगठन का कहना है कि सत्र में देरी होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और आगे की शैक्षणिक योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। मोर्चा ने कॉलेज प्रशासन से इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

झारखंड छात्र मोर्चा ने कॉलेज परिसर में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाया है। संगठन की पहली मांग है कि कॉलेज को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनने से रोका जाए और परिसर में शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
मोर्चा का कहना है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्राथमिकता होनी चाहिए और कॉलेज प्रशासन को इसी उद्देश्य के अनुरूप व्यवस्था संचालित करनी चाहिए।
छात्र मोर्चा ने प्रोफेसर विनिता कुमारी से संबंधित विषय को भी अपनी मांगों में शामिल किया है। संगठन का कहना है कि शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी विद्यार्थियों को पढ़ाना है। मोर्चा ने उनकी शैक्षणिक जिम्मेदारियों और राजनीतिक गतिविधियों में कथित भूमिका की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
यह आरोप छात्र संगठन की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित पक्ष का जवाब या प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
मोर्चा ने प्रोफेसर सतीश यादव से जुड़े पूर्व के एक मामले की जांच की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि इस संबंध में उपलब्ध दस्तावेजों और लागू नियमों के आधार पर स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए। साथ ही विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है।
झारखंड छात्र मोर्चा की एक अन्य प्रमुख मांग पूर्व प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार के कार्यकाल से संबंधित है। संगठन ने उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए प्रशासनिक एवं वित्तीय निर्णयों की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों और मांगों पर संबंधित पूर्व प्राचार्य की ओर से कोई प्रतिक्रिया इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन दावों को संगठन के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
छात्र संगठन ने कॉलेज परिसर में पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे लगाने की मांग भी की है। मोर्चा का कहना है कि इससे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और महत्वपूर्ण गतिविधियों की निगरानी में मदद मिल सकती है।
छात्र मोर्चा ने कहा कि उसका आंदोलन विद्यार्थियों की समस्याओं और कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार से जुड़ा है। संगठन ने कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय से मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।
धरना कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष अभय कुमार, जिला सचिव विशाल झा, जिला उपाध्यक्ष रौनक मिश्रा समेत रोहित कुमार, सुमेर वर्मा, बड्डी यादव, आर्यन वर्मा, सूरज मंडल, राज पांडे, बिट्टू यादव, आदित्य यादव, राकेश यादव, रितेश पाठक, करीना कुमारी, रोहित मरांडी, दुर्गा सोरेन, बिरन बास्की, गोविंद किस्कू, सावन मुर्मू, दीपक सोरेन, अस्टीफन मरांडी, सुनुलाल टुडू, सुनील मरांडी, पंकज मुर्मू, विमल मरांडी, संजीव मुर्मू और विनय हांसदा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
अब देखना होगा कि कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय की ओर से छात्र संगठन की छह सूत्री मांगों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े इन मुद्दों को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।