Giridih News : पीरटांड़ में हाथी के हमले से बुजुर्ग की मौत, पत्नी गंभीर घायल; SNMMCH में इलाज के दौरान तोड़ा दम
Giridih News : घर लौट रहे बुजुर्ग दंपती को हाथियों ने बनाया निशाना, घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल; ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की
Giridih News : झारखंड के गिरिडीह जिले के पीरटांड़ क्षेत्र में मंगलवार रात हाथियों के हमले की घटना सामने आई। बुजुर्ग दंपती पर हाथी के हमले में पति की मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। हाल के दिनों में पीरटांड़ क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों की चिंता भी सामने आती रही है।
Giridih News : झारखंड के गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड में हाथियों की मौजूदगी एक बार फिर ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गई है। मंगलवार की रात हाथियों के हमले में एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना पीरटांड़ थाना क्षेत्र के लेढ़वा-मंडरडीह गांव के आसपास की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग दंपती रात के समय घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान इलाके में विचरण कर रहे हाथी से उनका सामना हो गया। अचानक हुए हमले के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों और परिजनों को घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मृतक की पहचान मंगरा मांझी के रूप में हुई है, जबकि उनकी पत्नी बड़की देवी घायल हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, मंगरा मांझी की उम्र करीब 70 वर्ष और बड़की देवी की उम्र करीब 65 वर्ष बताई गई है। घटना के बाद महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पीरटांड़ क्षेत्र में पिछले कुछ समय से हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। सितंबर में भी क्षेत्र के कई गांवों में हाथियों के झुंड के पहुंचने और फसलों को नुकसान पहुंचाने की खबरें सामने आई थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, हाथियों के झुंड के अलग-अलग समूहों में बंटने के कारण वन विभाग के सामने उनकी निगरानी की चुनौती भी बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही हाथियों की आवाजाही को लेकर लोगों की चिंता बढ़ जाती है। कई जगह लोग रात में सतर्क रहते हैं और हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर घरों से बाहर निकलने से बचते हैं। ऐसे में ताजा घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल और चिंता दोनों बढ़ गई है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और आबादी वाले क्षेत्रों से हाथियों को सुरक्षित तरीके से दूर रखने की मांग की है। वन विभाग की ओर से भी ग्रामीणों से हाथियों के करीब नहीं जाने, उन्हें घेरने या उकसाने से बचने की अपील की जाती रही है।
इस घटना ने एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए जहां वन्यजीवों की मौजूदगी प्राकृतिक परिस्थितियों का हिस्सा है, वहीं आबादी के करीब हाथियों की आवाजाही जान-माल की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग संवेदनशील इलाकों की नियमित निगरानी करे, हाथियों की गतिविधियों की समय पर जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाए और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, प्रभावित परिवार को नियमानुसार सहायता और घायल महिला के इलाज में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग भी की जा रही है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन और वन विभाग की भूमिका पर लोगों की नजर बनी हुई है।